इंदौर/भोपाल। मध्य प्रदेश में यात्री बसों के जरिए पटाखों और अन्य खतरनाक विस्फोटक सामग्रियों के अवैध परिवहन ने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। इंदौर ट्रक ऑपरेटर्स एंड ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (ITOTA) ने इस मामले में मोर्चा खोलते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप और सख्त कार्रवाई की अपील की है।
भोपाल की घटना ने बढ़ाई चिंता
एसोसिएशन ने अपने पत्र में हाल ही में भोपाल के आईएसबीटी (ISBT) बस स्टैंड पर सामने आए उस वीडियो का विशेष उल्लेख किया है, जिसमें दो पटाखा व्यापारी बस ऑपरेटरों पर पटाखे रखने के लिए दबाव बना रहे थे। एसोसिएशन का कहना है कि यह न केवल नियमों का खुला उल्लंघन है, बल्कि हजारों यात्रियों की जान के साथ सीधा खिलवाड़ है।
बड़ा हादसा होने का डर
पत्र में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि:
- परमिट का उल्लंघन: यात्री बसों का परमिट केवल सवारियों के लिए होता है, भारी माल या ज्वलनशील पदार्थों के लिए नहीं।
- जान को खतरा: बसों में पटाखों की मौजूदगी किसी भी समय एक बड़े और भयानक हादसे का कारण बन सकती है।
- राजस्व की हानि: बिना बिल के माल ढुलाई से केंद्र और राज्य सरकार को जीएसटी (GST) का भारी नुकसान हो रहा है।
प्रशासन से ‘सख्त एक्शन’ की मांग
आईटीओटीए ने मांग की है कि दोषी व्यापारियों और बस मालिकों पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही, परिवहन विभाग और पुलिस को बसों की नियमित और सघन चेकिंग के निर्देश दिए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। एसोसिएशन ने जोर देकर कहा है कि जनहित और यात्री सुरक्षा को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।




