भोपाल में बुधवार को प्राईवेट स्कूल वेलफेयर संचालक मंच ने राज्य शिक्षा केन्द्र पर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान मंच ने अधिकारियों को RTE भुगतान के समेत तीन मुख्य मांगों का ज्ञापन भी सौंपा। मंच के प्रदेश अध्यक्ष शैलेश तिवारी ने कहा कि सरकार जल्द से जल्द उनके RTE (राइट टू एज्यूकेशन) के रुके हुए पैसों का भुगतान करे। ऐसा ना होने पर वे भूख हड़ताल करने को मजबूर होंगे। अब वे राशि का जब तक भुगतान नहीं होगा, तब तक राज्य शिक्षा केन्द्र से नहीं हटेंगे।
मंच के प्रदेश अध्यक्ष तिवारी ने आगे कहा कि सरकार प्राईवेट स्कूल के बच्चों के साथ भेदभाव कर रही है। सरकार की एक भी योजना का फायदा प्राईवेट स्कूल के बच्चों को नहीं मिल रहा। क्या प्राईवेट स्कूल के बच्चों का परिवार सरकार को वोट नहीं देता है।
आरटीई की राशि हमारा अधिकार प्राईवेट स्कूल वेलफेयर संचालक मंच के प्रदेश अध्यक्ष तिवारी ने बताया कि आरटीई की राशि केवल हमारा अधिकार ही नहीं हमारा सम्मान भी है। तीन सालों से सरकार हमें आरटीई का पैसा नहीं दे रही है। दो महीने से हमें मुख्यमंत्री के नाम से रोका जा रहा है। कि सीएम वन क्लिक से आरटीई की राशि जारी करेंगे।हमें ऐसा लग रहा है कि दिवाली तक भी वो राशि जारी नहीं होगी। इसलिए हम आज यहां से राशि का आदेश लेकर ही जाएंगे। कि कब माननीय मुख्यमंत्री जी आरटीई की राशि वन क्लिक से जारी कर रहे हैं। नियम के अनुसार, सरकार को आरटीई का पैसा प्राईवेट स्कूल संचालकों के हर साल मार्च महीने तक देना होता है लेकिन 2023 से अब तक इसका भुगतान नहीं किया गया है।

प्राईवेट स्कूल वेलफेयर संचालक मंच की तीन मांगें
- सत्र 2023-24 का RTE भुगतान किया जाए।
- जिन्होंने मान्यता का आवेदन नहीं किया है उनसे पेनल्टी लेकर स्कूल चलाने की अनुमति दी जाए।
- 2016 से 2022 तक रुके हुए बच्चों का प्रपोजल बनवाकर भुगतान का लिखित आदेश जारी करें।




