ब्राह्मणों की बेटियों के खिलाफ बयान देने के मामले में अजाक्स के नव निर्वाचित अध्यक्ष और आईएएस अधिकारी संतोष कुमार वर्मा के खिलाफ वल्लभ भवन (मंत्रालय) कैंपस के सामने शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन हुआ।

संतोष वर्मा मुर्दाबाद और भगवान परशुराम की जय-जयकार करते हुए यहां पहुंचे कांग्रेस-बीजेपी समेत सभी दलों और संगठनों के लोगों ने श्री हनुमान चालीसा का पाठ किया। इन सभी के द्वारा राज्य सरकार से मांग की गई है कि वर्मा का आईएएस अवॉर्ड वापस लिया जाए और एफआईआर दर्ज कर जेल भेजा जाए।
प्रदर्शन के दौरान ब्राह्मण समाज ने भरी हुंकार
तख्तियां लेकर पहुंचे लोगों ने जय श्री राम के भी नारे लगाए। पुलिस बल की मौजूदगी में हुए प्रदर्शन में मंत्रालय कर्मचारी अधिकारी संघ के सुधीर नायक के अलावा पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, बीजेपी नेता गिरीश शर्मा, पुष्पेंद्र मिश्रा, मयूर उपाध्याय समेत समाज के अन्य लोगों की मौजूदगी रही।

इसके साथ ही संघ के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व अपर मुख्य सचिव जेएन कंसोटिया पर संघ के खातों से कथित रूप से 65 लाख रुपए निकालने को लेकर कड़ी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
वर्मा के बयान को लेकर प्रदेशभर से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे हैं। गुरुवार को भी ब्राह्मण संगठनों ने रोशनपुरा चौराहे पर प्रदर्शन किया गया था। आज मंत्रालय में प्रदर्शन होगा। उधर, संघ के दूसरे धड़े के अध्यक्ष मुकेश मौर्य और उनके पदाधिकारियों ने 13 नवंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को ज्ञापन सौंपकर संघ के खातों से 65 लाख रुपए निकाले जाने के मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।
कंसोटिया पर राशि के दुरुपयोग का आरोप
संघ के दूसरे धड़े के प्रांतीय महासचिव मुरारी लाल लिथोरिया के हस्ताक्षरित ज्ञापन के अनुसार पूर्व प्रांताध्यक्ष जेएन कंसोटिया, तत्कालीन प्रांतीय महासचिव एसएल सूर्यवंशी पर विभागीय पद एवं प्रभाव का दुरुपयोग करने का आरोप है। उन्होंने बताया कि संगठन के SBI टीटी नगर और BOI अरेरा कॉलोनी में संचालित खातों से 65 लाख रुपए अवैध रूप से निकाले गए है। संगठन के धन का दुरुपयोग और अमानत में खयानत की गई।
नई कार्यकारिणी मौर्य को बता रही जिम्मेदार
अजाक्स की नई कार्यकारिणी का दावा है कि दोनों बैंक खातों पर नियंत्रण मुकेश मौर्य के नेतृत्व वाली कार्यकारिणी को मिलने के बाद भी राशि निकाली गई।
दो फाड़ हुआ अजाक्स, कोर्ट से लेकर रजिस्ट्रार तक मामला पहुंचा
अजाक्स में नेतृत्व को लेकर विवाद लंबे समय से चल रहा है। ग्वालियर में आमसभा के दौरान 29 जुलाई 2023 को मुकेश मौर्य को सर्वसम्मति से प्रांताध्यक्ष चुना गया था। इस चुनाव को तत्कालीन अध्यक्ष कंसोटिया ने हाईकोर्ट में चुनौती दी, जिसके बाद रजिस्ट्रार फर्म्स एवं सोसायटी द्वारा दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद मुकेश मौर्य की कार्यकारिणी को वैधता दी गई।
फिर भी विवाद शांत नहीं हुआ। शिकायत के अनुसार सेवानिवृत्त अधिकारी गौतम पाटिल ने कंसोटिया को अनधिकृत रूप से पुनः महासचिव नियुक्त कर दिया और रजिस्ट्रार के आदेश के विरुद्ध अपील दायर कर दी, जो वर्तमान में विचाराधीन है।
गंभीर आरोपों के चलते विवाद और बढ़ा
ज्ञापन में दावा किया गया है कि कंसोटिया ने संगठन पर दोबारा नियंत्रण बनाए रखने के लिए ऐसे व्यक्ति को महत्व दिया जिस पर आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।
पत्र के अनुसार राजवीर अग्निहोत्री पर 2 अप्रैल 2018 को रेलवे ट्रैक उखाड़ने का आरोप है। वह कई महीने जेल में सजा काट चुका है और मुरैना पुलिस एवं रेलवे कोर्ट में अन्य प्रकरण भी दर्ज हैं। नई कार्यकारिणी का आरोप है कि ऐसे व्यक्तियों को पद देकर सामाजिक सौहार्द व संगठन को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप की मांग
मौर्य धड़े ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मांग की है कि
- 65 लाख के आर्थिक घोटाले की उच्चस्तरीय जांच की जाए।
- कंसोटिया और राजवीर अग्निहोत्री पर वैधानिक कार्रवाई हो।
- अजाक्स पर आधिपत्य को वैधानिक रूप से मौर्य को दिलाया जाए।
- विभिन्न विभागों को भेजे जा रहे पत्रों पर रोक लगाई जाए।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में सदस्य पहुंचने की आशंका
वल्लभ भवन स्थित प्रदर्शन को लेकर प्रशासन सतर्क है। दोनों गुटों के बीच विवाद लगातार बढ़ रहा है और सरकार के हस्तक्षेप तक टकराव बढ़ते रहने की संभावना है।




