भोपाल | लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। मंगलवार को भोपाल में आयोजित ‘किसान चौपाल’ में राहुल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने अमेरिका के साथ ‘देश बेचने’ का समझौता किया है।राहुल गांधी ने दावा किया कि केंद्र सरकार पर एपस्टीन और अडाणी से जुड़े मामलों का भारी अंतरराष्ट्रीय दबाव है। उन्होंने कहा, “इसी दबाव के चलते प्रधानमंत्री ने हिंदुस्तान और देश के करोड़ों किसानों का निजी डेटा अमेरिका के हवाले कर दिया है।”विपक्ष के नेता ने इस ट्रेड डील को सीधे तौर पर भारतीय किसानों के खिलाफ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी कमजोरियों को छिपाने के लिए विदेशी ताकतों के सामने झुक रही है, जिससे देश की संप्रभुता और किसानों की आजीविका खतरे में पड़ गई है।
राहुल गांधी के भाषण की 5 मुख्य बातें:
- बिना सलाह के डील: प्रधानमंत्री ने कैबिनेट को भरोसे में लिए बिना ट्रंप से फोन पर बात की और आनन-फानन में ट्रेड डील फाइनल कर दी।
- दबाव में झुकी सरकार: राहुल ने दावा किया कि ‘एपस्टीन फाइल’ और अडाणी मामले के दबाव के कारण सरकार ने अमेरिका की शर्तें मानीं।
- किसानों पर संकट: अमेरिका से सोया, कपास और भुट्टा मंगाने की छूट से भारतीय किसानों की कमर टूट जाएगी।
- डेटा की सुरक्षा: प्रधानमंत्री ने हिंदुस्तान और यहां के किसानों का कीमती डेटा अमेरिका के हवाले कर दिया है।
- संसद में सेंसरशिप: नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उन्हें सदन में चीनी घुसपैठ और पूर्व आर्मी चीफ नरवणे की किताब पर बोलने से रोका गया।

खड़गे का तंज: “मोदीजी कांग्रेस राज में पैदा हुए, अपना नाम बदल लें”
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कड़े शब्दों में प्रधानमंत्री को ‘सरेंडर मोदी’ करार दिया। उन्होंने कहा कि जो सरकार हर योजना का नाम बदल रही है, उसे यह नहीं भूलना चाहिए कि प्रधानमंत्री खुद कांग्रेस शासन में पैदा हुए थे।
खड़गे के संबोधन के बड़े अंश:
- नाम बदलने की राजनीति: सरकार केवल योजनाओं के नाम बदलने में माहिर है, असल काम में नहीं।
- ट्रंप के सामने खामोशी: पीएम अंतरराष्ट्रीय मंचों पर और खासकर ट्रंप के सामने भारत का पक्ष मजबूती से रखने में विफल रहे हैं।
- व्यापार घाटा: नई ट्रेड नीति से भारत को लाभ के बजाय नुकसान हो रहा है और देश पर टैक्स का बोझ बढ़ेगा।






