रूस और यूक्रेन के बीच विवाद व युद्ध की स्थिति बनने के बाद वहां रह रहे भारतीय छात्र तनाव व चिंता से गुजर रहे हैं। खंडवा से एमबीबीएस की पढ़ाई करने यूक्रेन गई दर्शिका श्रीवास्तव 4 दिनों के सफर के बाद गुरुवार को दिल्ली पहुंची। दिल्ली से हवाई जहाज से इंदौर होते हुए सड़क मार्ग से खंडवा आएंगी। वे दोगुना किराया देने के बाद दुबई होते हुए दिल्ली पहुंची। उनके साथ अन्य छात्र भी स्वदेश लौटे हैं।
दर्शिका 20 फरवरी को यूक्रेन की राजधानी कीव से 200 किलोमीटर दूर विनिस्टिया से निकली थी। कीव पहुंचने के बाद टिकट कंफर्म नहीं होने से लगभग 15 घंटे यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में गुजारे। इसके बाद उन्हें दुबई की फ्लाइट मिली। दुबई पहुंचने पर फिर से 12 घंटे का इंतजार करना पड़ा। इसके बाद उन्हें दुबई से दिल्ली के लिए फ्लाइट मिली। गुरुवार को दोपहर दिल्ली पहुंचेगी। इसके बाद वहां से इंदौर होते हुए खंडवा आएंगी।
चिंता जनक है हालात
दर्शिका ने स्वजनों को बताया भारतीय दूतावास ने यूक्रेन छोड़ने संबंधी एडवाइजरी जारी की है। इसके बाद से पलायन शुरू हो चुका है। सबसे अधिक खतरा राजधानी कीव में है। वहां के लोग भी सामान्य हालात से नहीं गुजर रहे। यूनिवर्सिटी ने भी कुछ समय के लिए ऑफलाइन क्लास लगाने का निर्णय लिया है।
स्वजनों का तनाव भी हुआ
पिता प्रवीण शेखर श्रीवास्तव ने बताया युद्ध की स्थिति और 3 दिनों से सफर के बाद भी घर नहीं पहुंचने से चिंता भी बढ़ गई थी। आमतौर पर 6 से 7 घंटे में भारत पहुंच जाती है। अपने देश नहीं पहुंचने से चिंता हो रही थी। आम तौर पर यूक्रेन से दिल्ली तक 30000 रुपए किराया लगता है लेकिन ऐसी स्थिति में 61000 रुपये किराया देकर बेटी स्वदेश लौटी है।
तीन सालों से यूक्रेन में कर रही है पढ़ाई
मां मंजूषा ने बताया दर्शिका ने केंद्रीय विद्यालय खंडवा से पढ़ाई के बाद नीट परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद यूक्रेन के मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लिया। वह 3 साल से वहां पर है। स्वजनों के अनुसार वहां पर एमबीबीएस की फीस सालाना 3 लाख 50 हजार रुपये है। इसके बाद लगभग 15000 रुपये महीना रहने और खाने पर खर्च होता है। 5 माह 8 महीने में एमबीबीएस का कोर्स पूरा होगा।




