भोपाल
त्योहारी सीजन में शक्कर की जमाखोरी रोकने और कीमतों पर नजर रखने के लिए केंद्र सरकार सख्त हो गई है। इसी के तहत भोपाल के अयोध्या बायपास स्थित डी-मार्ट में दिल्ली से आई शक्कर संचालनालय की टीम ने औचक निरीक्षण किया।
पोर्टल पर एंट्री की बड़ी चूक
जांच के दौरान पोर्टल पर डी-मार्ट का शक्कर स्टॉक 5 हजार मीट्रिक टन दर्ज मिला था, लेकिन मौके पर पड़ताल करने पर सिर्फ 50 मीट्रिक टन (500 क्विंटल) शक्कर ही पाई गई। पूछताछ में प्रबंधन ने बताया कि क्विंटल में भरी जाने वाली संख्या गलती से पोर्टल पर मीट्रिक टन में दर्ज हो गई थी।
गलत ई-मेल से बढ़ी गफलत
प्रबंधन का दावा था कि उन्होंने इस गलती की जानकारी ई-मेल के जरिए भेज दी थी। हालांकि, जांच में टीम ने पाया कि जिस ई-मेल आईडी पर जानकारी भेजी गई थी, वह गलत थी। इस वजह से सूचना समय पर अधिकारियों तक नहीं पहुंच सकी। टीम ने प्रबंधन के बयान दर्ज कर सही ई-मेल आईडी पर तुरंत सही आंकड़े भेजने के निर्देश दिए हैं।
तय है 4 हजार क्विंटल की स्टॉक सीमा
केंद्र सरकार ने जमाखोरी रोकने के लिए शक्कर की अधिकतम स्टॉक सीमा 4 हजार क्विंटल तय की है। यह नियम 1 अगस्त से 30 नवंबर 2026 तक लागू रहेगा। इसके तहत व्यापारियों को हर महीने पोर्टल पर स्टॉक की नियमित जानकारी देनी होगी, हालांकि सरकारी कोटे और राशन दुकानों को इससे छूट दी गई है। जिला आपूर्ति नियंत्रक चंद्रमान सिंह जादौन ने बताया कि दिल्ली की टीम ने स्टॉक एंट्री में गड़बड़ी पकड़ी है और मामले की जांच जारी है।



