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सुप्रीम कोर्ट का आदेश – आवारा कुत्तों और पशुओं पर सख्ती पशु-प्रेमी आज करेंगे प्रदर्शन

सुप्रीम कोर्ट द्वारा आवारा कुत्तों को स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और बस स्टैंड जैसे संस्थागत क्षेत्रों से हटाने तथा उन्हें शेल्टर में रखने के आदेश के खिलाफ आज देशभर में एक साथ शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जा रहा है। इसी कड़ी में भोपाल में भी शाम 4 बजे ऋषभदेव पार्क में पशु-अधिकार कार्यकर्ता और पशु-प्रेमी एकत्रित होंगे।

इस बात की जानकारी देते हुए पीएफए की स्टेट प्रेसीडेंट स्वाति गौरव ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर हो रहे इस प्रदर्शन में विभिन्न शहरों के एनिमल एक्टिविस्ट, वॉलंटियर्स, रेस्क्यू ग्रुप्स और समाजसेवी संगठन शामिल हैं।

स्वाति का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश न केवल मौजूदा पशु क्रूरता निवारण कानून के खिलाफ है, बल्कि सामुदायिक कुत्तों के अधिकारों और सह-अस्तित्व की भावना पर भी आघात करता है।

एक्टिविस्ट्स का कहना है कि देश में लाखों सामुदायिक कुत्ते हैं और उन्हें हटाने का निर्णय न मानवतावादी दृष्टि से सही है और न ही व्यावहारिक। उनका मानना है कि यह आदेश उस वैज्ञानिक और कानूनी प्रक्रिया से भी विपरीत है, जिसमें कैप्चर-नसबंदी-टीकाकरण (ABC Programme) को ही सबसे प्रभावी तरीका माना गया है। स्वाति ने बताया कि आज का प्रदर्शन एक राष्ट्रीय एकजुटता का प्रतीक है। प्रदर्शन का उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट और सरकार दोनों का ध्यान इस ओर आकर्षित करना है कि कुत्तों को हटाने के बजाय नसबंदी, वैक्सीनेशन, समुदायिक देखभाल और कानून-आधारित समाधान पर जोर दिया जाए।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश – आवारा कुत्तों और पशुओं पर सख्ती

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों और पशुओं को हटाया जाए। कोर्ट ने कहा कि पकड़े गए कुत्तों को दोबारा उसी जगह नहीं छोड़ा जाएगा, बल्कि उन्हें शेल्टर होम में रखा जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने यह मामला 28 जुलाई को खुद संज्ञान में लिया था, जब एक मीडिया रिपोर्ट में दिल्ली में बच्चों को कुत्तों के काटने और रैबीज के मामलों का जिक्र था। अब कोर्ट ने इसका दायरा पूरे देश तक बढ़ा दिया है। अगली सुनवाई 13 जनवरी 2025 को होगी।

एमपी में 10 लाख से ज्यादा स्ट्रीट डॉग्स नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) की रिपोर्ट के मुताबिक, मध्यप्रदेश में स्ट्रीट डॉग्स की संख्या 10 लाख 9 हजार से ज्यादा है। इनमें से सबसे ज्यादा कुत्ते इंदौर, भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहरी इलाकों में हैं, इन 5 शहरों में ही लगभग 6 लाख से ज्यादा डॉग्स मौजूद हैं।

भोपाल में डेढ़ लाख से ज्यादा कुत्ते हैं। साल 2024 में भोपाल 19,285 लोगों को कुत्तों ने काटा, जबकि जनवरी से जून 2025 के बीच 10,795 लोग शिकार बने। इंदौर में 30,304, ग्वालियर में 11,902, जबलपुर में 13,619, उज्जैन में 10,296 और रीवा में 1,131 लोग डॉग बाइट के शिकार हुए। NHM की रिपोर्ट में कहा गया है कि मध्यप्रदेश के 6 शहरों को राष्ट्रीय रैबीज नियंत्रण कार्यक्रम में शामिल किया गया है। लक्ष्य है वर्ष 2030 तक राज्य को रैबीज फ्री बनाना।

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