भोपाल |मध्य प्रदेश के चर्चित पूर्व आरटीओ आरक्षक सौरभ शर्मा की काली कमाई का मुद्दा एक बार फिर विधानसभा में गूंज उठा है। 52 किलो सोना और 11 करोड़ की नकदी मिलने के बाद चर्चा में आए इस सिपाही की संपत्तियों को लेकर अब सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं।
विधानसभा में बड़ा खुलासा:
- 30 करोड़ की संपत्ति की पुष्टि: सरकार ने सदन में स्वीकार किया है कि सौरभ शर्मा के पास नकदी और सोने समेत करीब 30 करोड़ की संपत्ति मिली है। हालांकि, विपक्ष का दावा है कि यह आंकड़ा 150 करोड़ के पार है।
- दुबई तक फैले तार: कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने आरोप लगाया कि सौरभ की संपत्तियां सिर्फ भोपाल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दुबई तक फैली हुई हैं। उन्होंने सरकार पर जानकारी छिपाने और ‘अधूरी’ रिपोर्ट पेश करने का आरोप लगाया।
- सत्ता पक्ष पर संरक्षण का आरोप: जयवर्धन सिंह ने सवाल उठाया कि एक मामूली आरक्षक के पास इतनी अकूत संपत्ति बिना किसी बड़े संरक्षण के संभव नहीं है। उन्होंने भाजपा मंत्रियों और नेताओं द्वारा उसे बचाने का गंभीर आरोप लगाया।
अफसरों की भूमिका पर भी सवाल:
इस मामले में केवल आरक्षक ही नहीं, बल्कि बड़े अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। तत्कालीन अधिकारी वीरेश तुमराम के घटना के बाद 6 महीने की लंबी छुट्टी पर जाने और उसे दी गई मंजूरी पर भी विधानसभा में तीखे सवाल पूछे गए।
विपक्ष का तीखा हमला: “एक साल बाद भी सरकार यह नहीं बता पाई कि कौन-सी एजेंसी जांच कर रही है और उसकी रिपोर्ट क्या है? भ्रष्टाचार की यह जड़ें बहुत गहरी हैं।” — जयवर्धन सिंह, विधायक




