इंदौर। जिला कोर्ट ने 17 वर्षीय किशोर अमित सेन की मौत के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए दो डॉक्टरों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। कोर्ट ने डॉ. कुश बंडी और डॉ. खुशबू चौहान द्वारा खुद को आरोपों से मुक्त करने की अर्जी को खारिज करते हुए उनके खिलाफ धारा 304 (भाग-2)/34 के तहत ट्रायल चलाने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 2 मार्च को होगी।
क्या था पूरा मामला?
यह मामला मई 2023 का है, जब सड़क हादसे में घायल अमित सेन को लसूडिया क्षेत्र के राजश्री नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। 29 मई को अमित के बाएं पैर की सर्जरी होनी थी। पुलिस जांच के मुताबिक, सर्जरी के दौरान एनेस्थीसिया (बेहोशी की दवा) की ओवरडोज और अन्य चिकित्सकीय लापरवाहियों के कारण अमित की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। अमित अपने पिता रिंकू सेन का इकलौता बेटा था।
जांच में खुली थी पोल
घटना के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए तत्कालीन कलेक्टर के निर्देश पर अस्पताल की जांच कराई थी। जांच में अस्पताल प्रबंधन की कई गंभीर खामियां और लापरवाहियां उजागर हुईं, जिसके बाद नर्सिंग होम को सील कर दिया गया था।
प्रमुख बिंदु:
- आरोपी: हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. कुश बंडी और एनेस्थेटिस्ट डॉ. खुशबू चौहान।
- बदलाव: अस्पताल संचालक डॉ. देवेंद्र भार्गव का निधन हो जाने के कारण उनके खिलाफ कार्यवाही समाप्त कर दी गई है।
- आरोप: पुलिस डायरी और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने माना कि यह मामला लापरवाही से हुई मौत का है।



