भोपाल के जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी कैम्पस के पास एक टाइगर ने छात्र पर हमला कर दिया। इससे छात्र का पैर बुरी तरह से घायल हो गया। डीएफओ लोकप्रिय भारती ने बताया, यह टाइग्रेस-123 का एक साल का शावक है। झपट्टा मारने के बाद टाइगर जंगल में चला गया। यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट को सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने को कहा है। वहीं ट्रैप कैमरे भी लगाए गए हैं। टाइगर द्वारा इंसान पर हमले करने का यह राजधानी का पहला मामला है।
मामला गुरुवार देर रात का है, लेकिन घटना से जुड़े वीडियो शनिवार को सामने आए। डीएफओ भारती के अनुसार, छात्र रात में कैम्पस और आसपास टहल रहा था। तभी यह मामला सामने आया। फुट प्रिंट के हिसाब से शावक जंगल में चला गया। आसपास सर्चिंग की गई है। शनिवार को भी वन विभाग की टीम मौके पर ही है। संस्थान को नोटिस देकर कहा गया है कि कैम्पस के आसपास तार फेंसिंग को व्यवस्थित कर लें। ताकि, आगे ऐसी घटना सामने नहीं आ सके।
बाघ के हमले की 3 तस्वीरें…



दोस्तों के साथ टहल रहा था छात्र छात्र मोहम्मद बोरा अपने दो अन्य दोस्तों के साथ टहल रहा था। तभी झाड़ियों से निकलकर बाघ ने हमला कर दिया था। झपट्टा मारने से नाखून एक पैर में लग गए। जिससे एक इंच का घाव हो गया। शोर मचाने और दोस्तों के खींचने से टाइगर झाड़ियों में चला गया। इसके बाद मोहम्मद बोरा को अस्पताल में इलाज कराने के लिए ले जाया गया।
बाघिन के शावकों का मूवमेंट कलियासोत और केरवा के जंगल में कई टाइगर का मूवमेंट है। कई बार ये सड़कों पर भी नजर आ चुके हैं। कोलार रोड के चूनाभट्टी स्थित भोज यूनिवर्सिटी कैम्पस में भी बाघ का मूवमेंट दिखा था। कलियासोत जंगल और डैम के आसपास बाघिन टी-123 अपने दो शावकों के साथ नजर आती है। शावकों की उम्र करीब एक साल हो चुकी है। वन अधिकारियों का कहना है कि यदि टाइगर वयस्क होता तो हालात और भी बुरे हो सकते थे।




