इंदौर की द्वारकापुरी पुलिस ने 27 लाख रुपए के सोने की ठगी का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं, जिन्होंने किराए की दुकान लेकर व्यापारी से 325 ग्राम सोना हड़प लिया था। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर सोना बरामद कर लिया है, जिसमें से कुछ हिस्सा गलाया जा चुका था। आरोपी कई राज्यों में इस तरह की ठगी की वारदातें कर चुके हैं।
दो आरोपियों को पुलिस ने दबोचा
एडिशनल डीसीपी दिशेष अग्रवाल के निर्देशन में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने शशांक पुत्र संतोष कुमार सोनी निवासी सुभाष नगर, महोबा (उत्तर प्रदेश) और राहुल पुत्र छोटे लाल सोनी (छत्तीसगढ़) को गिरफ्तार किया है। शशांक को उसके घर से और राहुल को छतरपुर से पकड़ा गया। उनके कब्जे से करीब 325 ग्राम सोना जब्त किया गया है।
इस तरह रची थी ठगी की साजिश
पुलिस के अनुसार, पीड़ित रमेश कुमार ओढव, अहमदाबाद स्थित जिनेश्वर ज्वेलर्स में सेल्स मैनेजर हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी शशांक और राहुल 2 अक्टूबर को दुकान पर आए थे और सोने की ज्वेलरी का ऑर्डर दिया था। उन्होंने 50 हजार रुपए एडवांस भी ऑनलाइन ट्रांसफर किए, जिससे विश्वास बन गया।
बाद में शशांक ने कहा कि सोने की डिलीवरी इंदौर के द्वारकापुरी में करनी होगी। उसने 7 नवंबर को रमेश कुमार को इंदौर बुलाया। शशांक ने एक दुकान का एड्रेस दिया जहां रमेश और उसका ड्राइवर पहुंचे। दुकान बंद थी, लेकिन कॉल करने पर शशांक वहां पहुंचा और दोनों को अंदर बुलाया। उसने कहा कि आरटीजीएस से पेमेंट करेगा और थोड़ी देर में लौटने की बात कहकर मोबाइल पर बात करते हुए बाहर चला गया।
कुछ देर बाद रमेश और ड्राइवर दुकान लौटे तो ताला लगा था। शशांक का मोबाइल बंद मिला। आसपास के लोगों से पूछताछ में पता चला कि वह दुकान केवल 3-4 दिन पहले ही खोली गई थी। इसके बाद रमेश ने अपने मालिक को घटना बताई और द्वारकापुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई।
मोबाइल सर्विलांस से मिला सुराग
पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल नंबरों के आधार पर टेक्निकल सर्विलांस शुरू किया। लोकेशन ट्रैक करने पर टीम महोबा (उत्तर प्रदेश) पहुंची। वहां शशांक के घर छापा मारकर उसे गिरफ्तार किया गया। उसने बताया कि सोने का कुछ हिस्सा उसने पिघला दिया है और बाकी सोना राहुल के पास छिपाया गया है। इसके बाद पुलिस ने राहुल को छतरपुर से पकड़ा और शेष सोना बरामद किया।
ठगी का गिरोह कई राज्यों में सक्रिय
एडिशनल डीसीपी दिशेष अग्रवाल ने बताया कि शशांक और राहुल पेशेवर ठग हैं, जो विभिन्न राज्यों में इस तरह के अपराध करते हैं। वे किसी शहर में किराए से दुकान लेकर सोने का ऑर्डर बुक करते हैं, डिलीवरी के समय माल लेकर फरार हो जाते हैं और बाद में सोने को गलाकर बेच देते हैं।
दोनों आरोपियों ने पूछताछ में कबूल किया है कि वे “सांसी गैंग” की तर्ज पर ठगी का नेटवर्क चलाते हैं और कई राज्यों में सक्रिय हैं। पुलिस अब इनके अन्य साथियों और वारदातों की जानकारी जुटा रही है।




