रायसेन जिले के रातापानी टाइगर रिजर्व में एक दुर्लभ दृश्य देखने को मिला। वन विभाग की टीम ने सूर्योदय से पहले दो युवा तेंदुओं को पेड़ की ऊंची डाली पर शिकार का अभ्यास करते हुए देखा। दाहोद रेंज के वन परिक्षेत्र अधिकारी कार्तिकेय शुक्ला के अनुसार, वन विभाग की टीम गश्त के दौरान इस दुर्लभ दृश्य को आज शनिवार सुबह अपने मोबाइल के कमरे में कैद किया। दोनों तेंदुए ऐसी ऊंचाई पर थे, जहां सामान्य जानवरों का पहुंचना मुश्किल होता है।
तेंदुए अपनी छलावरण कला में माहिर होते हैं। ये दिन और रात दोनों समय शिकार करते हैं। शिकार के दौरान ये 70 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की गति तक पहुंच सकते हैं। इनकी शिकार की रणनीति में अक्सर झुंड से एक जानवर को अलग करना शामिल होता है। कई बार एक से अधिक तेंदुए मिलकर शिकार करते हैं।

150 से अधिक तेंदुए निवास करते हैं रातापानी टाइगर रिजर्व मध्य प्रदेश का आठवां टाइगर रिजर्व है, जिसमें 150 से अधिक तेंदुए निवास करते हैं। यहां बाघों के साथ-साथ अन्य वन्य जीवों की रोचक गतिविधियां भी देखने को मिलती हैं। इस कारण रिजर्व में पर्यटकों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है।
रातापानी टाइगर रिजर्व प्रकृति प्रेमियों के लिए एक आकर्षक स्थल बन गया है। यहां आने वाले पर्यटक वन्य जीवों की रोचक तस्वीरें अपने कैमरे और मोबाइल में कैद करते हैं।




