मौसम में बदलाव का दौर जारी है। बिन मौसम बरसात के बाद लौटती ठंड एक बार फिर पलटवार कर लोगों को परेशान कर रही है। शुक्रवार को भी सुबह से उत्तरी हवाओं के जोर से वातावरण में सुबह से ठंडक घुली रही। ठंडी हवाओं के झोंके लोगों को परेशान करते रहे। मौसम साफ होने से सूरज तो निकले हैं धूप भी बिखेर रहे लेकिन धूप का असर बेहद कम है। ठंडक बढ़ने से रात का न्यूनतम तापमान भी बीते 24 घण्टे में 6 डिग्री तक गिर गया है। न्यूनतम तापमान 13.4 डिग्री से गिरकर 7.9 डिग्री रिकार्ड किया गया। हालांकि दोपहर बाद सूरज के सख्त तेवरों से ठंड से कुछ हद तक राहत मिल सकती है।
धूप निकलने से ठंड का असर कम होने का अनुमान है। हालांकि ठंडी हवा के चलते धूप का अहसास कम हो रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से होते हुए कर्नाटक तक एक ट्रफ लाइन भी गुजर रही है। 13 फरवरी से अगले पश्चिमी विक्षोभ के प्रभावी होने की संभावना बनी हुई है। यानी 13 फरवरी के बाद एक बार मौसम फिर बदल सकता है।
तापमान में उतार-चढ़ाव से सेहत पर असर : बीते 24 घंटे में दिन का अधिकतम तापमान भी 26 डिग्री सेल्सियस से करीब छह डिग्री गिरकर 20 पर आ गया। शुक्रवार की सुबह तापमान 10.5 डिग्री पर रहा। वहीं न्यूनतम तापमान में भी 6 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा रही है। गुरुवार को न्यूनतम तापमान 15 से घटकर 13 डिग्री पर आ गया। रात में भी ठंड का असर बना रहा। जिससे न्यूनतम तापमान 7.9 पर आ गया। मौसमी बदलाव से जन स्वास्थ्य पर भी असर हो रहा है। लोग एक बार फिर सर्द-गरम की चपेट में आ रहे हैं। विदित हो कि सोमवार, मंगलवार को तापमान बढ़ने से वातावरण में हल्की गर्मी का अहसास हाेने लगा था। वहीं बुधवार को बारिश के बाद फिर ठंडक बढ़ गई है। घटता-बढ़ता तापमान बुजुर्गों को परेशान कर सकता है। इसी तरह से कृषि के लिए भी ठंड में घट-बढ़ नुकसानदेह साबित हो सकती है।




