बाल विवाह में 65 फीसदी का इजाफा हुआ है। इसका खुलासा महिला एवं बाल विकास और चाइल्ड लाइन द्वारा रुकवाए बाल विवाह के मामलों से होता है। यह वह विवाह है जिसकी सूचना नागरिकों ने पुलिस, महिला एवं बाल विकास और चाइल्ड लाइन को दी। कई ऐसे बाल विवाह हुए है जिसकी जानकारी नहीं लगी। अधिकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार के द्वारा शादी की उम्र 21 साल करने की घोषणा के बाद बाल विवाह में इजाफा हुआ है। वर्ष 2022 में पिछले दो महीने में 17 बाल विवाह रोके गए हैं।आर्थिक तंगी और उम्र बढ़ना है बड़ा कारण
चाइल्ड लाइन की डायरेक्टर अर्चना सहाय ने बताया कि जब रोके गए बाल विवाह के कारणों का समीक्षा की तो निकलकर आया कि सबसे ज्यादा बाल विवाह उस वर्ग में किए जा रहे है जिनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। वह अपनी बेटियों को बोझ समझते हैं। बच्चियों का विवाह करके वे अपनी जिम्मेदारियों से मुक्त होना चाहते हैं। वहीं पैरेंट्स ने आर्थिक तंगी, असुरक्षा की भावना और लड़कियों की शादी की उम्र बढ़ाने संबंधी कारण भी बताए हैं।




