महू। न्यायालय परिसर में बने अभिभाषक कक्ष में नमाज पढ़ने को लेकर एक नया विवाद जन्म ले रहा है। जिसमें एक महिला अभिभाषक ने अभिभाषक संघ के आदेश का विरोध करते हुए नमाज ना पढ़ने देने का आरोप लगाया है जबकि संघ ने कहा कि नए आदेश के तहत परिसर में किसी भी प्रकार के धार्मिक आयोजन न करने का निर्णय लिया गया है। उक्त अभिभाषक को संघ से निष्कासित करने की मांग करते हुए चार सदस्याें ने इस्तीफे दे दिए हैं।
महू कोर्ट की वकील शाहीन बी ने गुरुवार को आरोप लगाया है कि अभिभाषक संघ ने उन्हें परिसर में बने कक्ष में नमाज पढ़ने से रोकने के लिए बैठक कर निर्णय लिया है। उनके मुताबिक उनका घर कोर्ट से काफी दूर है और वे वर्षों से वहां नमाज पढ़ रही हैं। वकील के मुताबिक संघ के इस निर्णय से उनकी भावनाएं आहत हुई है।
शाहीन ने चेतावनी दी कि मैं आगे से वहीं नमाज पढूंगी! अगर कोई विवाद होता है तो उसकी जिम्मेदारी संघ के अध्यक्ष पर होगी।
इस संबंध में संघ के अध्यक्ष स्वदेशदत्त पांंडे ने कहा है कि महिला अभिभाषक को नमाज पढ़ने से कभी भी नहीं रोका गया। संघ की बैठक में परिसर में धार्मिक आयोजन न करने का निर्णय लिया गया है और यहां केवल महापुरूषों के जन्मदिन, निर्वाण दिवस, अहिल्या उत्सव तथा सरस्वती पूजन कार्यक्रम ही किए जाएंगे। पांडे ने कहा कि उक्त अभिभाषक जहां नमाज पढ़ती हैं वह सार्वजनिक स्थान है जहां काफी भीड़ व आवाज होती रहती है तथा पास ही शौचालय भी है।
उक्त महिला अभिभाषक द्वारा अभिभाषक संघ के निर्णय का विरोध करने व न्यायालय परिसर का माहौल बिगाड़ने पर संघ के चार सदस्यों ने अपने पद से इस्तीफे दे दिए। इन सदस्यों ने महिला अभिभाषक की सदस्यता समाप्त करने की मांग की है। इन्होंने कहा कि उक्त महिला अभिभाषक ने न्यायालय के कर्मचारी को धमका कर जबरदस्ती वहां नमाज पढ़ी है जो कि उचित नहीं है।
इस्तीफा देने वालों में बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष और पदेन सदस्य रवि आर्य भी शामिल हैं। इनके अलावा सर्वेश चौरसिया, कोषाध्यक्ष उमराव सिंह मीणा, कार्यकारिणी सदस्य सोहन शुक्ला भी शामिल है। आर्य के मुताबिक अभिभाषक संध के भवन में कभी भी धार्मिक आयोजन नहीं किये गए हैं। कोई भी धार्मिक आयोजन इस भवन से बाहर करने में कोई बुराई नहीं है। यहां केवल महापुरुषों की जयंती के साथ सामान्य मिलन समारोह आदि होते रहे हैं।
एडवोकेट आर्य के मुताबिक महू कोर्ट परिसर में यह पहली बार हो रहा है कि अल्पसंख्यक समुदाय के किसी वकील ने अपने साथ भेदभाव का आरोप लगाया है जबकि कई दूसरे वरिष्ठ अभिभाषक रमजान माह में पास के तरुछाया परिसर में जाकर सामुहिक रुप से नमाज अता करते हैं।
एडवोकेट आर्य के मुताबिक महू कोर्ट परिसर में यह पहली बार हो रहा है कि अल्पसंख्यक समुदाय के किसी वकील ने अपने साथ भेदभाव का आरोप लगाया है जबकि कई दूसरे वरिष्ठ अभिभाषक रमजान माह में पास के तरुछाया परिसर में जाकर सामुहिक रुप से नमाज अता करते हैं।




