मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा रात को कर्फ्यू हटाने के फैसले के बाद सराफा चौपाटी की रौनक फिर लौट आई। मंगलवार को चौपाटी रात 11 बजे के बाद भी आबाद रही। देर रात तक व्यंजनों की सराफा की गली महकती रही, हालांकि पहले दिन भीड़ कम रही। कोरोना के मामले बढ़ने के कारण दो माह से सराफा चौपाटी रात 11 बजे बंद हो जाती थी। चौपाटी का कारोबार कर्फ्यू के कारण प्रभावित हो रहा था, क्योंकि डेढ घंटे में बिक्री कम हो पाती थी।
अब शहर के अन्य बाजार भी साढ़े 11 बजे तक खुले रहेंगे। शराब दुकान और पबों को लेकर मंगलवार को प्रशासन ने कोई आदेश जारी नहीं किया, हालांकि आबकारी उपायुक्त राजनारायण सोनी का कहना है कि आदेश जारी होने के बाद शराब दुकानें भी तय समय तक खुली रहेगी। अभी कोरोना कर्फ्यू के कारण रात 11 बजे दुकानें बंद हो जाती थी।
मिलेगा पर्यटन को बढ़ावा
उज्जैन और ओंकारेश्वर में दर्शन के लिए आने वाले ज्यादातर पर्यटक इंदौर में सराफा चौपाटी जरूर जाते हैं। रात 11 बजे चौपाटी बंद होने के कारण कई पर्यटक ठीक से व्यंजनों का लुत्फ नहीं उठा पा रहे थे। सराफा चौपाटी एसोसिएशन के अध्यक्ष रामजी गुप्ता का कहना है कि शहरवासी तो सराफा के व्यंजनों का स्वाद चखने आते ही हैं, लेकिन अब शहर के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि चौपाटी के आकर्षण के कारण लोग इंदौर को भी अपने टूर प्लान में शामिल करते हैं।
10 साल पहले हुआ था रात दो बजे तक चौपाटी खोलने का फैसला
शहर में सराफ चौपाटी और राजवाड़ा वर्षों से देर रात तक आबाद रहता था, लेकिन 10 साल पहले तत्कालीन एसपी संजीव शमी ने रात साढ़े 11 बजे राजवाड़ा और सराफा सख्ती से बंद कराना शुरू कर दिया था। तत्कालीन कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने सराफा चौपाटी रात दो बजे तक खुली रखने के आदेश जारी किए थे। हालांकि राजवाड़ा अब रात साढ़े 11 बजे बंद हो जाता है।




