राजधानी भोपाल में दिवाली की रात आगजनी के 18 मामले सामने आए। शाहपुरा और बैरागढ़ में दो कारें जल गईं। वहीं, आतिशबाजी की वजह से झोपड़ी और झाड़ियों में आग लगी। लांबाखेड़ा में एक मकान में आगजनी की घटना होने की बात सामने आई है। हालांकि, कहीं भी जनहानि नहीं हुई।
बता दें कि दिवाली की रात में भोपाल नगर निगम का फायर अमला 24 घंटे ड्यूटी पर रहा। दिवाली पर उनकी डबल ड्यूटी रही। वहीं, 100 टैंकर और 30 दमकलें हर वक्त तैयार रही, जो कहीं भी आग लगने की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची। इस वजह से बड़ी आगजनी की घटना नहीं हो सकी।
फायर ऑफिसर सौरभ पटेल ने बताया कि दिवाली पर कुल 400 में से 350 कर्मचारियों की डबल ड्यूटी लगाई थी। उनकी तत्परता की वजह से आगजनी की बड़ी घटनाओं को रोका जा सका।
इन जगहों पर लगी आग
- लांबाखेड़ा में एक मकान में आग लग गई। जिसे दमकल ने मौके पर पहुंचकर काबू किया।
- कोहेफिजा में सेफिया ग्राउंड के पास पेड़ में आग लगी।
- अपोलो सेज हॉस्पिटल के पास झाड़ियों ने आग पकड़ ली।
- अयोध्या बायपास में आग से झोपड़ी एक हिस्सा जल गया। दमकल ने मौके पर पहुंचकर आग को बुझाया।
- अयोध्या बायपास में ही लॉन्ड्री दुकान में आग लग गई।
- ऐशबाग में मकान की बाउंड्रीवॉल में लगे पेड़-पौधों ने आग पकड़ ली।
- अर्चना पैलेस के पास शाहपुरा में कार जल गई।
- बैरागढ़ के गिदवानी पार्क के पास एक कार में आग लग गई। दमकल आने से पहले लोग भी आग बुझाने में जुटे रहे।
- संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) स्थित वन ट्री हिल्स जनचेतना पार्क के पास खाली प्लाट में उगी झाड़ियों में आग लग गई।
पिछले साल से कम रहे मामले भोपाल में पिछले तीन साल से दिवाली की रात में आगजनी के 25 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। बैरागढ़, अवधपुरी, कोलार, करोंद, न्यू मार्केट, हमीदिया रोड, छोला, इंद्रपुरी, बागसेवनिया आदि जगहों पर हादसे हुए थे। ज्यादातर आग लगने की घटनाएं आतिशबाजी की चिंगारी की वजह से हुई थीं, लेकिन इस बार कोई बड़ी घटना नहीं हुई। वहीं, 18 मामले सामने आए।
फायर स्टेशन पर भी तैनात रही दमकलें फतेहगढ़, जिंसी चौराहा, कोलार, होशंगाबाद रोड, रायसेन रोड, करोंद, गोविंदपुरा, माता मंदिर समेत शहर के सभी 13 स्टेशनों पर दमकल और पानी के टैंकर खड़े रखे गए, जो सूचना मिलते ही तुरंत मौके पर पहुंचे और आग को बुझाया।




