इंदौर। शहर में शेयर बाजार के नाम पर ठगी करने वाले एक शातिर गिरोह का राज्य साइबर सेल ने भंडाफोड़ किया है। आरोपियों ने एक निजी कंपनी की एचआर मैनेजर को निवेश पर 200 प्रतिशत मुनाफे का लालच देकर 22 लाख रुपए की चपत लगा दी। पुलिस ने इस मामले में राजगढ़ निवासी आयुष गुप्ता को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी फर्म का डायरेक्टर बनकर ठगी का नेटवर्क चला रहा था।
ठगी का पूरा जाल: LinkedIn से फंसाया, फर्जी ऐप से लूटा
जांच में सामने आया कि गिरोह ने पेशेवर तरीके से ठगी की साजिश रची थी:
- टारगेट: साउथ तुकोगंज की एक कंपनी में कार्यरत महिला एचआर मैनेजर को LinkedIn के जरिए खोजा गया।
- पहचान: आरोपियों ने खुद को नामी कंपनी ‘एशियन मार्केट सिक्योरिटिज’ का प्रतिनिधि बताया।
- हथकंडा: पीड़िता के मोबाइल में एक फर्जी ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड करवाया गया, जहां नकली मुनाफे के आंकड़े दिखाकर भरोसा जीता गया।
- वसूली: अलग-अलग किस्तों में 22 लाख रुपए निवेश कराने के बाद, जब पीड़िता ने पैसा निकालना चाहा, तो उनसे 20% अतिरिक्त टैक्स की मांग भी की गई।
18 बैंक खातों में करोड़ों का लेनदेन
साइबर सेल की तकनीकी जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं:
- पुलिस को अब तक 18 संदिग्ध बैंक खातों का पता चला है, जिनमें करोड़ों रुपए का ट्रांजेक्शन हुआ है।
- गिरफ्तार आरोपी आयुष गुप्ता अपने नाम पर फर्जी कंपनियां और खाते खोलता था, जिसे उसका बड़ा भाई ऑपरेट करता था।
- आरोपी का भाई पहले से ही चंडीगढ़ में साइबर क्राइम के एक अन्य मामले में जेल में बंद है।




