भोपाल के ईटखेड़ी में आज फजर की नमाज के बाद 78वां आलमी तबलीगी इज्तिमा शुरू हो गया। यह चार दिन (14 से 17 नवंबर) तक चलने वाला बड़ा धार्मिक कार्यक्रम है। इसमें लगभग 12 लाख लोगों के शामिल होने की संभावना है। इंडोनेशिया, केन्या, मलेशिया, सऊदी अरब, ईरान, मोरक्को सहित 19 देशों से जायरीन (श्रद्धालु) पहुंच चुके हैं और अभी भी लोगों का आना जारी है।
इस बार इज्तिमा का प्रबंधन पहले से ज्यादा बड़ा और व्यवस्थित है। मुख्य पंडाल 120 एकड़ में, पार्किंग 350 एकड़ में बनाई गई है और पूरा आयोजन क्षेत्र करीब 600 एकड़ में फैला है।
दिल्ली में हुए विस्फोट के बाद सुरक्षा और भी कड़ी कर दी गई है। रेलवे स्टेशन से लेकर इज्तिमा-स्थल तक हर जगह सख्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
आईजी अभय सिंह ने बताया कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन है, इसलिए सुरक्षा, ट्रैफिक और इमरजेंसी सेवाओं के लिए सभी एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं।
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रोजाना होंगी चार तकरीरें
इज्तिमा में हर दिन चार तकरीरें होंगी- फज्र, जोहर, असर और मगरिब के बाद। बता दें वक्ताओं के नाम पहले से घोषित नहीं किए जाते। तकरीरों में दीनी संदेश, सामाजिक सुधार और उम्मत की बेहतरी से जुड़ी बातें रखी जाती हैं। कमेटी सदस्य डॉ. उमर हफीज़ ने बताया कि “हर तकरीर तय वक्त पर होगी और जायरीन इनसे सीधे जुड़ सकेंगे।”

दिल्ली धमाके के बाद सख्त सुरक्षा
दिल्ली धमाके के बाद भोपाल रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था की गई है। जीआरपी ने पहली बार रेंडम BD & DS (Bomb Detection and Disposal Squad) चेकिंग शुरू की है। प्लेटफॉर्म, पार्किंग एरिया और मालखानों में रोजाना दो बार तलाशी ली जा रही है। बुधवार को टीम ने 250 से 300 वाहनों की जांच की।
स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वारों पर HHMD (हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर) और DFMD (डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर) लगाए गए हैं। जीआरपी एसपी राहुल लोढ़ा ने बताया, “इज्तिमा के दौरान रोजाना दो बार अलग-अलग जगहों पर रेंडम चेकिंग होगी, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।”





