10वीं और 12वीं कक्षा के स्टूडेंट्स को बोर्ड एग्जाम्स के पेपर बेचने के नाम पर ठगी करने वाले तीसरे आरोपी को भी क्राइम ब्रांच ने रविवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। आरोपी ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वह छात्रों से ठगी कर कमाई रकम को क्रिकेट मैच में सट्टेबाजी कर उड़ा दिया करते थे। कुछ रकम वह ऑनलाइन गेमिंग ऐप में भी हारा है। पूर्व में वह भी इसी प्रकार ठगी का शिकार हो चुका है। इसके बाद उसने दूसरों को ठगना शुरू कर किया था।
ऑन लाइन लेते थे ठगी की रकम
एडिशनल डीसीपी शैलेंद्र सिंह चौहान के मुताबिक साइबर क्राइम ब्रांच को शिकायत मिली थी कि कुछ लोगों ने माध्यमिक शिक्षा मंडल के लोगो का उपयोग कर टेलीग्राम पर ग्रुप बनाया है। इस ग्रुप पर वह दसवीं और बारहवीं के विद्यार्थियों को पेपर उपलब्ध कराने की बात कहकर 499 और 699 रुपए पेटीएम तथा फेम-पे वालेट में ट्रांसफर करवाते थे। साइबर क्राइम ब्रांच ने शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया था।
BBA का स्टूडेंट है आरोपी
पुलिस ने दो आरोपियों धीरज खत्री (18) निवासी केशव नगर, नीलगंगा उज्जैन और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया था। बाद में एक और आरोपी अजय कुमार यादव (19) निवासी घनसौर जिला सिवनी को गिरफ्तार किया गया है। वह वर्तमान में आनंद नगर के पिपलानी क्षेत्र स्थित बाल विहार कॉलोनी में रहता है। वह बीबीए प्रथम वर्ष का छात्र है और पेपर दिलवाने का झांसा देकर ठगी कर रहा था। उसे पूछताछ के बाद परिवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।
एडिशनल डीसीपी ने बताया कि आरोपी अजय ने पूछताछ में ठगी की रकम को ऑन लाइन गेमिंग एप में उड़ाने की बात स्वीकार की है। उसने झांसा देकर करीब सौ से अधिक छात्रों को ठगा है।




