गौतम नगर के रंभा नगर इलाके में रहने वाले ऑटो डीलर ने बुधवार दोपहर जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट नहीं मिलने से आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। गुरुवार सुबह हमीदिया अस्पताल की मर्चुरी के सामने मृतक के परिजनों व ससुराल पक्ष के लोगों के बीच शव पर अपना दावा करने को लेकर विवाद हो गया।
पत्नी चाहती थी पति को भोपाल में दफन किया जाए। जबकि मृतक मूल रूप से गुना का रहने वाला था। उसके परिजन वहीं शव को दफन करना चाहते थे। बाद में पुलिस की समझाइश और आपसी सहमती से बॉडी को गुना में दफन करने का फैसला किया गया। गुरुवार की शाम को करीब 4:30 बजे परिनज बॉडी को गुना लेकर रवाना हो गए हैं।
पुलिस के मुताबिक डीआईजी बंगला के पास रंभा नगर निवासी परवेज खां पुत्र शफीक खां (45) ऑटो डीलिंग का काम करते थे। वह मूलरूप से गुना के रहने वाले थे और पिछले 15 साल से पत्नी व दो बच्चों के साथ यहां किराए के मकान में रह रहे थे। पत्नी समीना से उन्होंने लव मैरिज की थी। उनका बड़ा बेटा तबरेज (10) और छोटी बेटी फौजिल ढाई साल की है।
नाश्ता बना रही पत्नी से बोले अस्पताल ले चलो
बुधवार 31 जुलाई की सुबह करीब दस बजे परवेज सोकर उठ गए थे। करीब सवा दस बजे पत्नी उनके लिए नाश्ता बनाने किचिन में चली गई थीं। इस बीच परवेज ने पत्नी से कहा कि मेरी तबियत खराब हो रही है। मुझे जल्दी अस्पताल ले चलो। परवेज के मुंह से सफेद झाग निकलता देख पत्नी ने पूछा तो परवेज ने जहर खाने की बात बताई। अस्पताल से मिली सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी।
मरचुरी के सामने हुआ हंगामा
पुलिस ने बताया कि सूचना मिलते ही गुना से मृतक परवेज के भाई व अन्य परिजन भोपाल आ गए थे। गुरुवार सुबह परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम के बाद जब शव ले जाने की बारी आई तो पत्नी व उसके परिजनों का परवेज के परिजनों से विवाद हो गया। दोनों पक्ष शव पर अपना दावा जताकर साथ ले जाने और कफन-दफन की बात करने लगे।
मृतक के परिजनों का कहना था कि वह उनका बेटा है। शादी के बाद भले ही वह काम-धंधे के लिए भोपाल आकर रहने लगा था लेकिन आखिर है तो उनका बेटा ही है। पुलिस ने बताया कि मृतक के परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव गुना ले गए थे।




