भोपाल को झुग्गीमुक्त करने के लिए अब फिर प्रयास शुरू होंगे। CM डॉ. मोहन यादव ने झुग्गियों को हटाने के लिए विस्तृत प्लान बनाने को कहा है। इसे लेकर शनिवार को उन्होंने मंत्री, विधायक समेत अफसरों के साथ मीटिंग भी की। उन्होंने कहा, पहले भवन तैयार करें। फिर झुग्गियों को खाली कराएं। ताकि, लोगों को परेशानी न हो। सीएम ने बड़ा तालाब पर एलिवेटेड कॉरिडोर का प्लान बनाने को भी कहा।
शाम 4 बजे से सीएम हाउस में मीटिंग शुरू हुई। सीएम ने भोपाल में वंदे मेट्रो का प्लान बनाने को भी कहा। मीटिंग में प्रभारी मंत्री चैतन्य काश्यप, मंत्री विश्वास सारंग, कृष्णा गौर, विधायक रामेश्वर शर्मा, महापौर मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, प्रमुख सचिव वीरा राणा, भोपाल कमिश्नर संजीव सिंह, पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र, कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह भी मौजूद रहे। कलेक्टर ने पॉवर पाइंट प्रजेंटेशन के जरिए भोपाल में चल रहे 5 करोड़ रुपए से अधिक के कार्यों की समीक्षा की।
झुग्गी मुक्त करने के लिए अक्टूबर तक प्लान करें सीएम डॉ. यादव ने कहा, भोपाल को झुग्गी मुक्त करने के लिए समाधान निकालने के हर संभव प्रयास किए जाएं। उन्होंने कलेक्टर से झुग्गी मुक्त करने की तैयारियों की जानकारी ली। कहा कि पहले भवन तैयार करने का कार्य हो, फिर झुग्गियों को खाली कराया जाए। ताकि लोगों को परेशानी न हो। जनप्रतिनिधियों से समन्वय हो। जिले के राज्य स्तर पर लंबित कार्यों का निराकरण कराना बैठक का मुख्य उद्देश्य है। झुग्गी मुक्त करने के लिए अक्टूबर तक निविदा पूरी कर कार्य शुरू किया जाए।
कई प्राइम लोकेशन पर झुग्गियां भोपाल में चाहे राजभवन से सटे इलाके में 17 एकड़ में फैली रोशनपुरा बस्ती हो या बाणगंगा, भीमनगर, विश्वकर्मा नगर जैसी टॉप 8 झुग्गी बस्तियां। ये सभी शहर के बीच प्राइम लोकेशंस पर करीब 300 एकड़ में फैली हैं। इनके अलावा राहुल नगर, दुर्गा नगर, बाबा नगर, अर्जुन नगर, पंचशील, नया बसेरा, संजय नगर, गंगा नगर, बापू नगर, शबरी नगर, ओम नगर, दामखेड़ा, उड़िया बस्ती, नई बस्ती, मीरा नगर जैसी कुल 388 बस्तियां शहर में हैं। इन सबकी जमीन का हिसाब लगाएं तो यह करीब 1800 एकड़ के आसपास बैठती है। इनमें से ज्यादातर पॉश इलाकों में ही हैं।
भोपाल की सबसे बड़ी झुग्गियां…
| झुग्गी बस्ती | एकड़ | आबादी |
| रोशनपुरा | 17 | 35000 |
| बाणगंगा | 48 | 35000 |
| बाग सेवनिया | 16 | 30000 |
| विश्वकर्मा नगर | 6 | 30000 |
| अन्ना नगर | 51 | 25000 |
| भीम नगर | 72 | 8000 |
| मदर इंडिया | 49 | 4000 |
| शहीद नगर | 29 | 2000 |
सड़कों के लिए टेंडर की प्रक्रिया जल्द करें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सड़कों के स्वीकृत कार्य समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, जो सड़कें अधूरी हैं, उन्हें जल्द पूरा करें। सड़कों की निविदा प्रक्रिया होने के बाद अवॉर्ड समय पर पारित हों।
25 साल के प्लान को ध्यान में रखकर होगा इंफ्रास्ट्रक्चर सीएम डॉ. यादव ने मीटिंग में कहा कि भोपाल को मेट्रो पोलिटन सिटी बनाने के उद्देश्य से अगले 25 साल के प्लान को ध्यान में रखकर इन्फ्रास्ट्रक्चर के कार्य पूरे हों। भोपाल मेट्रोपोलिटन विकास प्राधिकरण के प्रस्तावित कार्यों के अंतर्गत रायसेन, मंडीदीप, सलामतपुर क्षेत्र, सांची तक का क्षेत्र, राजगढ़ और पीलूखेड़ी पुरवार क्षेत्र, बैरसिया और सूखी सेवनिया क्षेत्र के विकास के लिए कार्य योजना बेहतर ढंग से तैयार की जाए।
बड़ा तालाब पर एलिवेटेड कॉरिडोर बनेगा सीएम ने कहा कि भोपाल शहर सहित जिले के अन्य स्थानों पर फ्लाईओवर का निर्माण कार्य जल्द पूरा हो। भोपाल में बड़े तालाब का स्वरूप प्रभावित हुए बगैर एलिवेटेड कॉरिडोर का प्लान तैयार करें। सीएम राइज स्कूलों का निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण हो। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए अस्पतालों के भवन निर्माण समय पर हों। अृमत योजना के कार्यों को निर्धारित कार्ययोजना के तहत पूरा करें। आदमपुर बायो सीएनजी प्लांट का कार्य व कचरे का निष्पादन आधुनिक तकनीक से पूरा हो। जिले में सीवेज, जल व तालाबों का पुनरोत्थान कार्य के लिए लगभग 1522 करोड़ रूपये की स्वीकृति मिली है।
सरकारी भवनों में सोलर ऊर्जा से बिजली बनाए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, सरकारी भवनों में सोलर ऊर्जा के माध्यम से बिजली उत्पादन करें। इस संबंध में अभियान चलाकर भोपाल को आदर्श बनाएं। लोगों को प्रेरित करें। ताकि घरों की छतों पर सोलर पैनल अधिक संख्या में लग सकें। मेट्रो रेल परियोजना के कार्य चरणबद्ध ढंग से पूरे किये जाए। वंदे मेट्रो का प्लान भी तैयार किया जाए।
पुलिस विभाग की आवश्यकताओं के लिए भी उन्होंने समग्र प्लान बनाने को कहा। उन्होंने बताया, राजधानी को विकसित करने का प्लान बेहतर हो। ट्रैफिक का प्लान अच्छा हो। हाउसिंग बोर्ड, भोपाल विकास प्राधिकरण और स्मार्ट सिटी द्वारा विकास के लिए 25 साल का प्लान तैयार किया जाए। उद्योगों और रोजगार के लिए कार्य हो। नीति निवेश के लिए अन्य राज्यों का भी अध्ययन करें।
सड़कों के बारे में सीएम को दी जानकारी
- पीडब्ल्यूडी ने सड़कों के बारे में भी सीएम को जानकारी दी। इनमें डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी मार्ग (कोलार) का निर्माण कार्य 305 करोड़ रुपए की राशि से अक्टूबर 2024 तक पूर्ण करने की बात कही गई। यह 90 प्रतिशत तक पूरा हो गया है।
- कलियासोत डेम से न्यू बायपास मार्ग का कार्य 49. 50 करोड़ रुपए से अक्टूबर 2024 तक पूर्ण किया जाना है। जिसका 99 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो गया है।
- भदभदा बिलकिसगंज फेस-2 मार्ग किमी 6 से 13 तक 42 करोड़ रुपए में दिसंबर 2024 तक पूर्ण किया जाना है।
- पिपलानी बी-सेक्टर खजूरी कला होते हुए नया बायपास तक फोर लेन सड़क का निर्माण कार्य 25.44 करोड़ रुपए में मार्च 2025 तक पूर्ण होना है। जिसका 45 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है।
- भोपाल चिकलोद मार्ग पर 11 मील चौराहे से बंगरसिया तक 2 लेन से 4 लेन करने का उन्नयन कार्य 49 करोड़ रुपए में दिसंबर 2025 तक पूर्ण होना है। जिसकी शुरुआत हो गई है।
- सीपीए-2 विभाग के तहत एमजीएम स्कूल से बायपास को जोड़ने वाली मार्ग का निर्माण 9.39 करोड़ रुपए में दिसंबर 2025 तक पूर्ण होना है। जिसका कार्य प्रगति पर है।




