Thursday, October 1, 2026
25.9 C
Bhopal

45 ट्रांसपोर्ट कॉन्स्टेबलों की नियुक्तियां रद्द

मध्यप्रदेश के परिवहन विभाग में 12 साल पहले भर्ती किए गए 45 कॉन्स्टेबलों की नियुक्तियां निरस्त कर दी गई हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर राज्य के परिवहन सचिव सीबी चक्रवर्ती ने 19 सितंबर को इसका आदेश जारी किया, जो आज सामने आया है। कांग्रेस ने मामले में तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान और तत्कालीन परिवहन मंत्री जगदीश देवड़ा का इस्तीफा मांगा है।

साल 2012 में ट्रांसपोर्ट कॉन्स्टेबल्स की भर्ती की गई थी। इस भर्ती प्रक्रिया में महिलाओं के लिए आरक्षित पदों पर पुरुष उम्मीदवारों की नियुक्तियां की गई थीं। मामले को लेकर हिमाद्री राजे ने साल 2013 में हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में याचिका दायर की थी। अदालत ने 2014 में फैसला सुनाते हुए पुरुष कॉन्स्टेबल्स की नियुक्तियों को अवैध माना था। इस फैसले को मध्यप्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को सही मानते हुए इन नियुक्तियों को रद्द करने का आदेश दिया था। इस पर सरकार की ओर से कार्रवाई नहीं होने पर हिमाद्री राजे ने सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका लगाई है।

परिवहन विभाग ने यह आदेश जारी कर 45 कॉन्स्टेबलों की नियुक्तियां निरस्त की हैं।

परिवहन विभाग ने यह आदेश जारी कर 45 कॉन्स्टेबलों की नियुक्तियां निरस्त की हैं।

198 पदों के लिए भर्ती परीक्षा हुई थी

कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने बुधवार को वीडियो जारी कर कहा, ‘व्यापमं के अलग-अलग मामलों में करीब 48 एफआईआर दर्ज हुई थीं। इनमें आखिरी एफआईआर हमारे दबाव में 39 उम्मीदवारों पर दर्ज की गई थी। आरक्षण नियमों का पालन न करते हुए तत्कालीन परिवहन मंत्रालय ने बकायदा चयनित परिवहन आरक्षकों को उनके फिजिकल टेस्ट नहीं कराए जाने का पत्र भी जारी किया था।’

मिश्रा ने बताया कि 24 मई 2012 को 198 परिवहन आरक्षकों की भर्ती के लिए अखबारों में विज्ञापन निकाला गया था। 12 अगस्त 2012 को परीक्षा हुई थी। इसमें 1 लाख 47 हजार परीक्षार्थियों ने हिस्सा लिया था। इसमें बिना सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति 332 आरक्षकों का चयन कर लिया गया।

गलत तरीके से चयनित अभ्यर्थियों को 2013 में तत्कालीन परिवहन आयुक्त संजय चौधरी के आदेश से नियुक्तियां दी गईं। कांग्रेस के दबाव के बाद भोपाल के एसटीएफ थाने में 39 आरोपियों के खिलाफ 14 अक्टूबर 2014 को FIR दर्ज की गई। जांच में कई खुलासे हुए। कई अभ्यर्थियों के अस्थाई पते तक गलत पाए गए। मामला खुलने के डर से 17 अभ्यर्थियों ने नियुक्ति आदेश मिलने के बावजूद जॉइनिंग नहीं दी।’

पूर्व केंद्रीय मंत्री व कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव और तत्कालीन मुख्य प्रवक्ता केके मिश्रा ने जांच एजेंसियों- एसटीएफ, एसआईटी और सीबीआई को आरोपों से संबंधित दस्तावेज भी सौंपे थे।

कांग्रेस ने नौकरी से निकाले गए आरक्षकों की लिस्ट जारी की है। उसका दावा है कि इसमें कई उम्मीदवारों के पते भी गलत दर्ज हैं।
कांग्रेस ने नौकरी से निकाले गए आरक्षकों की लिस्ट जारी की है। उसका दावा है कि इसमें कई उम्मीदवारों के पते भी गलत दर्ज हैं।

मंत्री ने कहा था- सही नियुक्तियां की गईं

तत्कालीन परिवहन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने 23 जून 2014 को भर्ती में धांधली के आरोपों को झूठा बताया। कहा- सभी परीक्षाओं में चयन पारदर्शी तरीके से हुआ है।

Hot this week

14 करोड़ के ऑनलाइन सट्टे का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार

​इंदौर: क्राइम ब्रांच ने बुधवार को ऑनलाइन सट्टा और अवैध...

नीमच में मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप: कांग्रेस ने किया प्रदर्शन, पुलिस से हुई झूमाझटकी

​नीमच: मतदाता सूची में गड़बड़ी और पुनरीक्षण प्रक्रिया में धांधली...

भुगतान न मिलने और NABH की अनिवार्यता के खिलाफ प्राइवेट अस्पतालों का फूटा गुस्सा

​भोपाल: आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों का इलाज करने...

Topics

14 करोड़ के ऑनलाइन सट्टे का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार

​इंदौर: क्राइम ब्रांच ने बुधवार को ऑनलाइन सट्टा और अवैध...

नीमच में मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप: कांग्रेस ने किया प्रदर्शन, पुलिस से हुई झूमाझटकी

​नीमच: मतदाता सूची में गड़बड़ी और पुनरीक्षण प्रक्रिया में धांधली...

वीआईपी रोड पर पलटा सोयाबीन तेल से भरा टैंकर, लूटने के लिए उमड़ी भीड़

​भोपाल: ​शहर के वीआईपी रोड स्थित कोहेफिजा चौराहे पर मंगलवार-बुधवार...

भोपाल में रिटायर्ड IAS अधिकारी की हत्या, घर में मिला शव; नया केयरटेकर मुख्य संदिग्ध

​भोपाल: शहर के सूरजनगर इलाके में बुधवार सुबह एक सनसनीखेज...

सूने मकान में 15 लाख की चोरी का खुलासा, एक आरोपी गिरफ्तार

​कुरवाई (विदिशा): विदिशा जिले की कुरवाई पुलिस ने एक महीने...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img