केंद्रीय प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को अब सौरभ शर्मा के घर पर मिली एक इनोवा कार की तलाश है। लोकायुक्त छापे के दौरान सौरभ के घर में चेतन सिंह गौर की इनोवा खड़ी मिली थी।
ईडी यह जानने में जुटी है कि क्या सचमुच लोकायुक्त छापे के ठीक पहले इनोवा कार को घर से निकालकर उसमें 52 किलो गोल्ड और 11 करोड़ कैश रखकर उसे आनन-फानन में हटाया गया, या यह इनोवा कहीं और से लाई गई है। फिलहाल ईडी का पूरा फोकस गोल्ड और कैश जब्ती की लिंक तक पहुंचने पर है।
आरटीओ के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा और उसके सहयोगियों के पास हर महीने करोड़ों रुपए कहां से और किसके जरिए आते थे, इसकी जानकारी जुटाने के लिए ईडी की पूछताछ जारी है।
सौरभ शर्मा, चेतन सिंह गौर और शरद जायसवाल से बीएसएनएल कैम्पस स्थित ईडी के दफ्तर में कड़ी सुरक्षा के बीच सवाल किए जा रहे हैं। सौरभ की फर्मों और कम्पनियों में निवेश, इनकी आय के स्त्रोत जैसे सवालों में तीनों को उलझाकर जवाब तलाशे जा रहे हैं।
अस्पताल में मेडिकल कराया, आज भी ले जाएंगे
ईडी अफसरों की टीम गोपनीयता और सुरक्षा को लेकर किसी तरह की चूक नहीं होने देना चाहती। इसलिए दफ्तर के पास संदिग्ध लोगों के साथ मीडिया को भी एंट्री से रोका गया है।
11 फरवरी को कोर्ट से रिमांड मिलने के बाद ईडी की टीम ने बुधवार को तीनों का जेपी अस्पताल में मेडिकल कराया है। वापस ईडी आफिस लाकर अफसरों के चेंबर्स में बैठाकर वहीं पर पूछताछ की जा रही है।
यह सवाल ईडी की प्राथमिकता में
- सौरभ के पास हर महीने करोड़ों रुपए कहां से आते थे। वह इसका उपयोग किस काम में करता था? किसके साथ उसका नगद लेनदेन था।
- सौरभ ने परिवार के सदस्यों और संबंधित फर्मों, कंपनियों के नाम पर करोड़ों रुपए की अवैध संपत्ति अर्जित की है। इसके आय के स्त्रोत क्या हैं?
- मेंडोरी में चेतन सिंह गौर की इनोवा से जब्त 52 किलोग्राम गोल्ड और 11 करोड़ रुपए नगद कहां से आया और कहां ले जाने वाले थे?
- दिसम्बर 2024, जनवरी 2025 में छापे में बरामद फर्मों और संपत्तियों में निवेश और अन्य संदिग्ध दस्तावेज के इनकम सोर्स भी सवालों में है।




