उत्पादक क्षेत्रों की मंडियों में बीते दिनों से बासमती चावल के दामों में जोरदार तेजी देेखी जा रही है। अरब और खाड़ी देशों से बासमती की अच्छी मांग आ रही है।।निर्यात जोरदार बना हुआ है दूसरी और बीती फसल का कैरीओवर स्टाक कमजोर है।
उत्पादक केंद्रों पर धान 1121 के दाम 10 दिन पहले 3600 रुपये थी जो अब 3900 से 4000 रुपये क्विंटल तक पहुंच गए हैं। दुबार और तिबार में 200 से 300 रुपये की तेजी है। मोगरा किस्मों में 100 रुपये तक की तेजी दर्ज की गई है। चावल निर्यातक और कारोबारी दयालदास अजीत कुमार के अनुसार निर्यात के दबाव से तेजी धान की प्रमुख किस्मों 1509, 1121, 1401 में ज्यादा नजर आ रही है। हालांकि मप्र के बाजारों में अभी कीमतें नहीं बढ़ाई गई है। नये स्टाक की आवक होते से ही दाम में स्थानीय बाजार में भी तेजी आने की पूरी उम्मीद है। आने वाले दिनों में गरमी का मौसम आने के साथ ही चावल की मांग और खपत भी बढ़ेगी। मार्च महीने में ही चावल में 10 रुपये प्रति किलो की तेजी आने की उम्मीद बासमती किस्मों में की जा रही है।
बासमती (921) 9500 से 10000, तिबार 8000 से 8500 , दुबार पोनिया 7000 से 7500, मिनी दुबार 6000 से 6500, बासमती सेला 6000 से 8500, मोगरा 3500 से 5500, दुबराज 3500 से 4000, कालीमूंछ डिनरकिंग 7500, राजभोग 6500, परमल 2500 से 2700, हंसा सेला 2450 से 2600, हंसा सफेद 2300 से 2450, पोहा 3300 से 3800 रुपये क्विंटल बिका।




