मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा है कि ऊर्जा के क्षेत्र में साइबर अटैक की स्थिति न बने। ऊर्जा का कम से कम क्षरण हो, इसके लिए ग्रीन एनर्जी की ओर बढ़ना है। इसके लिए जितने भी नवाचार हों, उसके लिए सरकार पूरी तरह काम करने को तत्पर है ताकि भविष्य में ऊर्जा के लिए एक मजबूत राह बनी रहे। उन्होंने यह भी कहा कि भावी पीढ़ी की सुरक्षा और उनको सुरक्षित वातावरण देने के लिये क्लीन एनर्जी – ग्रीन एनर्जी को प्रोत्साहित करें। अगर इस ओर ध्यान नहीं दिया गया, तो बच्चों को स्कूल बैग की जगह ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर चलना पड़ेगा।
मंत्री तोमर ने यह बातें शुक्रवार को भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय सस्टेनेबल एनर्जी इनोवेशन कॉन्क्लेव के चौथे संस्करण का उद्घाटन करते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि कॉन्क्लेव का इस वर्ष का विषय पाॅवरिंग द फ्यूचर: ए सस्टेनेबल पाथ टू विकसित भारत 2047 है जो ऊर्जा क्षेत्र को एक नई दिशा देने वाला साबित होगा।
जो निष्कर्ष निकलेंगे, उसे लागू करेंगे
मंत्री तोमर ने कहा- यह मंच विशेषज्ञों, नवाचार करने वालों, उद्योग प्रतिनिधियों एवं नीति-निर्माताओं के लिए विचार-विमर्श और सहयोग का बेहतरीन अवसर बनेगा। मंत्री तोमर ने काॅन्क्लेव में आए सभी विशेषज्ञों, अधिकारियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि जो निष्कर्ष निकलेंगे, उसे लागू करने में सरकार आगे रहेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह से हम अपने बच्चों को अच्छा बनाना चाहते हैं, उनकी सुरक्षा की चिंता करते हैं, उसी तरह एनर्जी सेक्टर को भी अच्छा बनाने के लिए काम करना है।
हाइड्रोजन एनर्जी के काम सरकार की प्राथमिकता
आज ग्रीन एनर्जी के साथ हाइड्रोजन एनर्जी पर भी काम हो रहा है और इसके लिए आने वाले समय में जो भी अच्छे काम होंगे वह सरकार की प्राथमिकता में रहेंगे।
यह काम ठीक उसी तरह होगा जैसे हम अपने बच्चे को अच्छा माहौल देना चाहते हैं, उसे अच्छा बनाना चाहते हैं। वैसे ही बिजली सेक्टर को भी अच्छा माहौल देकर अच्छा बनाने का काम करना है। इस कॉन्क्लेव में ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई और अपर सचिव अविनाश लवानिया व अलग-अलग सेक्टर के एक्सपर्ट्स भी मौजूद रहे।




