भोपाल नगर पालिका निगम की गाड़ियों से ईंधन चोरी के मामले लगातार सामने आ रहे है। इसी के चलते निगम ने ईंधन वितरण प्रक्रिया को डिजिटल कर दिया है। साथ ही वाहन की रियल टाइम ट्रैकिंग और ईंधन की निगरानी के लिए एक ऐप तैयार किया जा रहा है। जिससे निगम के परिवहन नेटवर्क में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।
मॉनिटरिंग एप करेगा 1,650 वाहनों में ईंधन चोरी की निगरानी
एप मई के आखिर तक लॉन्च होने की उम्मीद है। जो वाहनों में डिजिटली ईधन भरवाने की अनुमति देगा। इसके साथ ही वाहनों की आवाजाही पर भी नजर रखेगा। इससे पहले, निगम ईंधन वितरण के लिए मैन्युअल सिस्टम का इस्तेमाल करती थी। पुराने तरीके में ड्राइवर रिकॉर्ड में गड़बड़ी कर देते थे। जैसे कि 40 लीटर की जगह 50 या 60 लीटर लिख देते थे। इसके बाद ये गड़बडियां एक आंतरिक जांच (ऑडिट) में पकड़ी गईं। बाद में अधिकारियों के बीच कई बड़ी बैठकें हुईं। पिछले एक साल में इन बैठकों के बाद यह तय किया गया कि अब एक सुरक्षित और तकनीकी सिस्टम लाया जाएगा, जिससे ये समस्याएं खत्म हों।
सारी गाडियों और मशीनों का रजिस्ट्रेशन होगा
नई प्रणाली के जरिए अब अधिकारी खुद पोर्टल पर लॉग इन करके डिजिटल तरीके से ईंधन की खपत और गाड़ियों के इस्तेमाल पर नजर रख सकेंगे। बीएमसी की सभी गाड़ियां और मशीनें इस पोर्टल पर रजिस्टर की जाएगी। इससे हर महीने का हिसाब-किताब करना आसान हो जाएगा और ईंधन चोरी जैसी गड़बड़ियां भी कम होंगी।
पिछले छह महीनों में 5000 लीटर डीजल की चोरी रोकी गई
इसका ट्रायल अगले महीने शरू होने की संभावना है। जिसकी ट्रेनिंग भी पहले विभाग की टीम को दी जाएगी। इसके तहत सिर्फ अधिकारी ही गाड़ी में ईंधन भरवाने की मंजूरी दे सकेंगे। बीएमसी के डिप्टी कमिश्नर चंचलेश गिरहरे ने बताया कि पिछले छह महीनों में 5000 लीटर डीजल की चोरी रोकी गई है। अब जब इसे ईंधन निगरानी ऐप से जोड़ा जाएगा, तो इससे ना सिर्फ ईंधन की बचत होगी, बल्कि समय की भी बचेगा। ऐसे बदलावों से रोजमर्रा के काम में जिम्मेदारी और काम करने की क्षमता दोनों बढ़ेंगी।




