भोपाल के रवीन्द्र भवन में राज्य कर्मचारी संघ द्वारा मुख्यमंत्री का अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सीएम डॉ मोहन यादव, विधायक भगवान दास सबनानी, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी और कर्मचारी संघ, भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारी मौजूद थे।
डबल इंजन के पीछे हमें भी तेज चलना पडे़गा कार्यक्रम में सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा- देश और प्रदेश के कर्मचारियों का डीए एक समान करने के लिए प्रधानमंत्री जी का एक वाक्य है डबल इंजन की सरकार। तो इंजन के पीछे इंजन लगा हुआ है वो तेज चलेगा तो हमें भी तेज चलना पडे़गा।
सीएम ने कहा-वो सारे अंतर जिनके माध्यम से जबरदस्ती से अटकाना-लटकाना मैं समझता हूं कि ये उचित नहीं था। ये चीजें बोलने से थोड़े देना चाहिए। ये अपने आप ही देना चाहिए। मैं इस मामले में थोड़ा भाग्यशाली हूं कि आप लोगों को ज्ञापन देने नहीं आना पड़ा। मैंने खुद ही बढ़ा दिया।
सरकार और मुखिया का मतलब अव्यवस्था को दुरुस्त करें सीएम बोले- हमारे बीच की परस्पर व्यवस्थाओं के अंतर्गत हम काम करते हैं। सरकार और सरकार के मुखिया और व्यवस्थाओं का एक ही मतलब है कि हम अपनी व्यवस्थाओं में सुव्यवस्था स्थापित करें। कहीं अव्यवस्था या दुरावस्था है कमी है तो उसे दुरुस्त करें।
मैं प्राधिकरण में रहा, टूरिज्म में रहा, शिक्षा मंत्री के रूप में काम करके आपके बीच से निकला तो मुझे इस बात का एहसास है कि हम निर्णय कुछ भी कर लें लेकिन, निर्णय का नीचे क्रियान्वयन कराने की जो एजेंसी है। उस निर्णय को नीचे अंजाम तक पहुंचाने वाले लोगों के मन में कोई असंतोष है या उनकी व्यवस्था बिगड़ी है तो हम कितनी भी बात कर लें उस बात का नीचे असर आएगा ही नहीं।
ट्रांसफर पॉलिसी में भी हमने कर्मचारियों की पीड़ा समझी CM ने कहा- स्थानांतरण नीति के बारे में भी ध्यान रखा। ट्रांसफर करेंगे लेकिन तब करेंगे जब सबका समय आएगा। जब बच्चों की छुटि्टयां हो जाएं। हम थोड़ा आने जाने की व्यवस्था बना लें इसलिए गर्मी की छुटि्टयों का इंतजार किया। भले जो भी सहन करना पड़ा। नए-नए मुखिया को कितना सहन करना पड़ता है आप सब जानते हैं। लेकिन हमने कहा समय आएगा जरूर कर देंगे। आपके बिना कहे एक महीने का समय दिया।
संकल्प पत्र को पूरा करेंगे।
सीएम ने कहा- आज ये हमारे अच्छे संकल्पों का अभिनंदन है। 2023 के संकल्प पत्र में हमने कहा था उसे अक्षरश: जमीन पर उतारने का काम करूंगा। इसमें कोई संदेह नहीं हैं।
सीएम ने कहा- मैं मजदूर संघ का ही काम कर रहा हूं। आम के आम गुठली के दाम। इधर उद्योग धंधे लगेंगे तो हमारा संगठन भी बढ़ जाएगा। लोगों को रोजगार मिलेगा। रोजगार का मतलब केवल सरकारी नौकरी नहीं हैं। ये हम बार-बार बोलते हैं, लेकिन सरकारी नौकरी के पदों को भरने का अभियान चलाया है।
पुलिस बैंड के पद खत्म होते चले गए अब हर जिले में भर्ती कर रहे
सीएम ने कहा- भर्ती करने में जो कठिनाई आ रही है। उसे भी दूर कर रहे हैं। पुलिस विभाग में जितने पद थे वो तो भरे ही साथ में नए पद भी स्वीकृत कर दिए। सीएम ने मजाकिया लहजे में कहा आपसे भी मुझे दो-दो हाथ करना है आजादी के पहले के पुलिस बैंड के पद थे। हर जिले बैंड के पद धीरे-धीरे खत्म होते चले गए। किसी की भी सरकार रही हो 55 साल किसी और की सरकार रही 20 साल हमारी रही। उसके पहले से पुलिस बैंड के पद खत्म होते चले गए। ऐसे में हमने कहा कि पुलिस की परेड होती है तो वहां की गरिमा उस अनुपात में होना चाहिए। इसलिए हमने 55 जिलों में पुलिस बैंड की मंजूरी दी। बाकी सारे पदों को लेकर कई नए जिले बन गए तो वहां नए पद स्वीकृत करके दिए हैं।
सीएम ने कहा- पहले विक्रम वर्मा के समय में पीएससी की परीक्षा हुई। फिर जयभान जी के समय में हुई। फिर हमने कराई और कहा कि बहुत सारे पद खाली होते जाते हैं। अब हमने कहा पीएससी को कोई विशेष संख्या देने की जरूरत नहीं हैं जो पद खाली होते जाएं। तो भर्ती परीक्षा की प्रक्रिया लगातार चलनी चाहिए। आप एक बार में एक एग्जाम करा लो।
यूपीएससी की तर्ज पर एक एग्जाम कराने की योजना
सीएम ने कहा- जैसे यूपीएससी की परीक्षा होती है उसमें जिसके ज्यादा नंबर आते हैं वो आईएएस में चला जाएगा। थोड़े कम नंबर आए तो आईपीएस में, और कम आए वो फॉरेस्ट सर्विस में चला जाए। एक बार में चयन करो और जैसे जहां जरूरत पडे़ वहां भेजते जाओ। सारे पदों पर सभी प्रकार के योग्य लोग मिल जाएंगे। लेकिन बिना बात के लटकाना ये बात समझ नहीं आई। अपनी व्यवस्थाओं को अगर सुचारू रूप से संचालित करना है तो ऐसे निर्णय करने पड़ेंगे।




