भोपाल में दामखेड़ा, समरधा समेत जिन इलाकों में बाढ़ के हालात बनते हैं, वहां अभी से इंतजाम किए जाएंगे। जर्जर बिल्डिंग की लिस्ट तैयार होगी तो जल निकासी, नाले-नालियों की सफाई भी की जाएगी।
आपदा प्रबंधन को लेकर सोमवार को कलेक्टोरेट में बैठक हुई। एडीएम अंकुर मेश्राम और प्रकाश नायक ने कहा कि सभी एसडीएम और नगर निगम क्षेत्र में बाढ़ संभावित क्षेत्रों की पहचान कर राहत प्रबंधन के प्लान तैयार करें। प्राकृतिक जलाशयों, जल निकासी मार्गों, नदी-नालों से अतिक्रमण हटाने, तालाबों एवं बांधों के निरीक्षण और जर्जर भवनों की सूची बनाकर जरूरी कार्रवाई भी करें।
कंट्रोल रूम बनेगा बैठक में आपातकालीन सेवाएं जैसे- सड़क, संचार और पुलों के रखरखाव, राहत शिविर स्थलों का पूर्व चिह्नांकन, वार्ड-वार आपदा प्रबंधन समितियों का गठन और सूचना संप्रेषण की समुचित व्यवस्था के निर्देश जारी किए गए। कंट्रोल रूम के साथ नियमित समन्वय बनाए रखने पर भी विशेष बल दिया गया।
हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों पर भी फोकस बैठक में हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण के लिए विशेष निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस सप्ताह सभी एसडीएम एवं विभागीय अधिकारी व्यक्तिगत रूप से लंबित शिकायतों की निगरानी करें और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निपटाएं। बिना कारण किसी भी शिकायत को फोर्स क्लोज न किया जाए और जिन शिकायतों का निपटारा असंतोषजनक रहा है, उन्हें पुनः निराकृत किया जाए।




