डॉ. ऋचा पांडे आत्महत्या मामले में आरोपी पति डॉ. अभिजीत पांडे की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। अब इस मामले में एमपी नगर थाने में एक और एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई एसडीएम ऑफिस के कर्मचारी विजय गुप्ता की शिकायत पर की गई है, जिसमें अवैध रूप से दवाओं के भंडारण और पैकेजिंग का आरोप लगाया गया है।
पुलिस के अनुसार, 3 अप्रैल को एसडीएम के नेतृत्व में एक टीम ने चित्तौड़ कॉम्प्लेक्स स्थित ‘मेकओवर क्लिनिक’ पर छापा मारा था। जांच के दौरान क्लिनिक के पास ही एक मकान मिला, जिसका उपयोग स्टोर रूम के रूप में किया जा रहा था। 9 अप्रैल को इसी स्टोर रूम पर पुनः दबिश दी गई, जहां से बड़ी मात्रा में खाली कांच की बोतलें, प्लास्टिक की डिब्बियां, कार्डबोर्ड और बबल रैपर के रोल बरामद किए गए।
टीम का मानना है कि इस स्थान पर दवाओं की अवैध पैकेजिंग, स्टोरेज और वितरण का कार्य किया जा रहा था। पुलिस ने दोनों कमरों से मिले सामान की सूची भी तैयार कर ली है।
इसी कमरे में मिला था डॉ. ऋचा का शव
गौरतलब है कि यही वह मकान है, जहां डॉ. अभिजीत की पत्नी डॉ. ऋचा पांडे का शव बरामद हुआ था। इस मामले में शाहपुरा पुलिस पहले ही डॉ. अभिजीत के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर चुकी है। बाद में जांच के दौरान इसमें दहेज प्रताड़ना की धाराएं भी जोड़ी गई थीं।




