शिंदे की छावनी स्थित थरेजा अस्पताल में भर्ती मरीज का अटेंडेंट संदिग्ध अवस्था में गोली लगने से घायल हो गया। अटेंडेंट का आरोप है कि अस्पताल संचालक डा. संजीव थरेजा ने उसे गोली मारी है। जबकि डाक्टर का कहना है कि उसका कोई विवाद ही नहीं हुआ। उसे तो गोली चलने की आवाज आई। उन्होंने मरीज व अटेंडेंट को भागते हुए देखा। मरीज को पकड़ लिया पर घायल अटेंडेंट भाग निकला। इधर पुलिस ने घायल को जेएएच में भर्ती करा दिया। पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है।
पुलिस का कहना है कि मोहना का रहने वाला 60 वर्षीय सतपाल सिंह एपेंडेंक्स की शिकायत को लेकर बुधवार को शिंदे की छावनी स्थित थरेजा अस्पताल में भर्ती हुआ था। सतपाल ने प्राइवेट रूप ले रखा था। सतपाल का साला सत्यवीर सिंह निवासी चीनौर उम्र 56 साल उसे देखने के लिए गुरुवार की सुबह अस्पताल पहुंचा था। शाम के समय कक्ष से अचानक गोली की आवाज आई। गोली सत्यपाल के कंधे से नीचे लगी थी। खून से लथपथ सत्यपाल और उसका जीजा सतपाल दोनों अस्पताल से भगे। इसी बीच अस्पताल के स्टाफ ने मरीज सतपाल को पकड़कर वापस कक्ष में लिटा दिया पर सत्यपाल भाग कर इंदरगंज थाने पहुंचा। इंदरगंज पुलिस ने घायल को सत्यपाल को जेएएच के ट्रामा सेंटर में भर्ती करा दिया। सत्यपाल ने पुलिस को बताया कि उसका पुराना विवाद डा. संजीव थरेजा से चल रहा है। जिसको लेकर डा. थरेजा ने उसे तमंचे से गोली मार दी। जिस स्थन पर अस्पताल में गोली चलना बताया जा रहा है वहां पर सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा और पुलिस को घटना स्थल पर एक तमंचा भी पड़ा मिला।
वर्जन-
मैं शाम के वक्त दूसरी मंजिल पर भर्ती मरीजों को देखने के लिए राउंड पर था, तभी अचानक गोली की आवाज आई। मरीज व अटेंडेंट भाग रहे थे। जिन्हें स्टाफ की मदद से पकड़ने का प्रयास किया। अटेंडेंट तो भाग निकला व मरीज को पकड़कर भर्ती कक्ष में लिटा दिया। मेरा कोई विवाद नहीं हुआ, उसने खुद को गोली मारी, पर क्यों मारी नहीं पता। हो सकता है कि पुरानी कोई रंजिश रखता हो। मरीज दो दिन से भर्ती है और उसने एक पैसा तक जमा नहीं किया अस्पताल में।
डा संजीव थरेजा, अस्पताल संचालक
वर्जन-
घायल का कहना है कि उसका डा. संजीव थरेजा से पुराना विवाद चल रहा है। जिसको लेकर उसने गोली मार दी। घायल को भर्ती करा दिया अभी ज्याद कुछ बताने की स्थिति में वह नहीं है। मामले की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। फिलहाल मामला दर्ज कर लिया है।




