इंदौर के एमवाय अस्पताल में चूहा कांड के विरोध में जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) का अनिश्चितकालीन आंदोलन रविवार से जारी है। कार्यकर्ता डीन, सुपरिटेंडेंट और अन्य दोषी अधिकारियों को निलंबित करने की मांग पर अड़े हैं। मांगें पूरी न होने पर उन्होंने रविवार रात अस्पताल के मुख्य गेट पर धरना दिया और सोमवार सुबह से प्रदर्शन फिर शुरू कर दिया।
सुपरिटेंडेंट और डीन को सस्पेंड करने की मांग
जयस कार्यकर्ताओं ने रविवार दोपहर 12 बजे से अस्पताल गेट पर प्रदर्शन शुरू किया। नारेबाजी के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकेश मुजाल्दा ने कहा कि इंदौर में घटित चूहा कांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण नवजात बच्चियों की जान खतरे में पड़ी। उनका कहना है कि यह मानवता को शर्मसार करने वाली घटना है।
लोकेश मुजाल्दा ने बताया कि उनका आंदोलन केवल न्याय की मांग नहीं है, बल्कि पूरे स्वास्थ्य तंत्र में जवाबदेही तय करने का प्रयास है। यदि दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में मासूमों की जान खतरे में रहेगी।
मांगें पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा
रविवार दोपहर एसडीएम प्रदीप सोनी अस्पताल पहुंचे, लेकिन कार्यकर्ताओं ने कहा कि उनकी मांगें पूरी नहीं होने तक चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा। शाम को डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया भी पहुंचे और इंदौर-भोपाल के अधिकारियों से प्रशासनिक स्तर पर चर्चा की।
जयस के कार्यकर्ताओं ने रात अस्पताल गेट पर बिस्तर लगाकर बिताई और सोमवार सुबह से फिर नारेबाजी के साथ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। विरोध अभी भी जारी है और कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर अडिग हैं।





