Sunday, August 16, 2026
25.1 C
Bhopal

भोपाल से ISIS आतंकी गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने ISIS (इस्लामिक स्टेट्स ऑफ इराक एंड सीरिया) से जुड़े एक आतंकी को भोपाल के करोंद से गिरफ्तार किया है। वहीं, दिल्ली के सादिक नगर से भी एक आतंकी पकड़ाया है। दोनों मिलकर दिल्ली के भीड़भाड़ वाले इलाकों में आईईडी ब्लास्ट करने की प्लानिंग कर रहे थे।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों आतंकियों का नाम अदनान है। इन्हें फिदायीन हमले की ट्रेनिंग दी जा रही थी और उनका निशाना दिल्ली था। आतंकियों के पास से संदिग्ध सामान भी बरामद हुआ है। फिलहाल दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की टीम दोनों से पूछताछ कर रही है।

पुलिस के अनुसार, यह ग्रुप उन जगहों की तलाश में था, जहां वे जमीन खरीदकर अपनी गतिविधियों का केंद्र बना सकें। वे हथियार बनाने के लिए पैसे भी इकट्ठा कर रहे थे।

देखिए दो तस्वीरें

पड़ोसी बोले- अदनान अच्छा बच्चा है भोपाल में पड़ोसी ज्योति अमकरे ने बताया कि सैयद अदनान को अच्छे से जानते हैं। कभी संदिग्ध नहीं लगा। अच्छा बच्चा है। पढ़ने वाला बच्चा है। इस बार मेरिट में आया था। 88 प्रतिशत आए थे। सीए की तैयारी कर रहा था। उनके घर में साफ-सुथरा माहौल है। पिता फैक्ट्री में हैं और मम्मी गृहिणी हैं। उन्हें यहां रहते 6 साल हो गए हैं। ये किराए का मकान है। आप लोग आए तो हमें शॉक लगा। संदेह करने लायक कभी कुछ नहीं लगा।

सितंबर में 5 आतंकी पकड़ाए थे सितंबर में भी स्पेशल सेल ने एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था, जिसमें कई राज्यों से पांच संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया गया था। सभी आरोपियों की उम्र 20 से 26 वर्ष के बीच थी और उन्हें दिल्ली, झारखंड, तेलंगाना और मध्य प्रदेश से पकड़ा गया था।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान झारखंड के बोकारो निवासी अशर दानिश (23), मुंबई के आफताब कुरैशी (25), महाराष्ट्र के मुंब्रा निवासी सूफियान अबुबकर खान (20), तेलंगाना के निजामाबाद निवासी मोहम्मद हुजैफ यमन (20) और मध्य प्रदेश के राजगढ़ निवासी कामरान कुरैशी (26) के रूप में हुई थी।

आतंकियों से मिले इनपुट पर कार्रवाई पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क का मास्टरमाइंड अशर दानिश था, जो खुद को ‘गजवा लीडर’ और ‘सीईओ’ कहता था। इन आतंकियों से मिले इनपुट के आधार पर ही देशभर में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की कार्रवाई लगातार जारी है।

आफताब करता था आतंकी गतिविधियों का लक्ष्य तय

आफताब कुरैशी का काम आतंकी गतिविधियों के लिए लक्ष्य तय करना था, जबकि हुजैफ यमन हथियार बनाने का काम करता था। इन लोगों ने अपने ग्रुप का नाम ‘प्रोजेक्ट मुस्तफा’ रखा था। जांच में पता चला कि आरोपी सोशल मीडिया के एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर युवाओं को बरगलाते थे। वे खुद को एक एनजीओ की तरह पेश करते थे और धर्म के नाम पर युवाओं को कट्टरपंथी बनाने का काम कर रहे थे।

Hot this week

टीकाकरण के बाद दो महीने की बच्ची की मौत, परिजनों ने लगाया ओवरडोज का आरोप

​भोपाल: छोला मंदिर थाना क्षेत्र की नवजीवन कॉलोनी में...

मंदसौर को मिली करोड़ों के स्वास्थ्य विकास कार्यों की सौगात

स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह के पश्चात उप मुख्यमंत्री...

पत्नी को लेने गया तो सुसराल वालो ने की मारपीट युवक ने खाया जहर

ग्वालियर:किलागेट थाना क्षेत्र के मेवाती मोहल्ला (जगनापुरा) में रहने...

Topics

टीकाकरण के बाद दो महीने की बच्ची की मौत, परिजनों ने लगाया ओवरडोज का आरोप

​भोपाल: छोला मंदिर थाना क्षेत्र की नवजीवन कॉलोनी में...

मंदसौर को मिली करोड़ों के स्वास्थ्य विकास कार्यों की सौगात

स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह के पश्चात उप मुख्यमंत्री...

पत्नी को लेने गया तो सुसराल वालो ने की मारपीट युवक ने खाया जहर

ग्वालियर:किलागेट थाना क्षेत्र के मेवाती मोहल्ला (जगनापुरा) में रहने...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img