राहुल गांधी के मध्य प्रदेश दौरे से पहले शनिवार को कांग्रेस ने संयुक्त प्रेसवार्ता कर केंद्र सरकार और भारत निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। पार्टी नेताओं ने कहा कि भाजपा सरकार एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया के नाम पर मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर हेराफेरी कर रही है।
कांग्रेस ने इस प्रक्रिया को लोकतंत्र पर सीधा हमला बताया और इसके खिलाफ देशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान में विशाल रैली आयोजित की जाएगी और 5 करोड़ से अधिक हस्ताक्षरों के साथ राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा जाएगा। प्रेसवार्ता में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और एसआईआर कमेटी के चेयरमैन सज्जन वर्मा मौजूद रहे।
बिहार में 62 लाख वोटरों के नाम काटे
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि एसआईआर के नए नियमों में नागरिकों से नागरिकता का प्रमाण मांगा जा रहा है, जो गरीब, बेघर और वंचित वर्गों के लिए बड़ा खतरा है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची तैयार करना निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है, न कि नागरिकों से नागरिकता साबित करने की मांग करना।
दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि बिहार में 62 लाख वोटरों के नाम काटे गए हैं, जिनमें अधिकांश अल्पसंख्यक समुदाय के हैं। भाजपा इसे ‘घुसपैठ रोकने’ के नाम पर राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के समय 88 हजार घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें बाहर किया गया था, जबकि एनडीए सरकार ने 2014 से अब तक केवल 2400 लोगों की पहचान की है, जो कुल का मात्र 3 प्रतिशत है।
चुनाव घोषणा के दिन वोटर लिस्ट फ्रीज हो
दिग्विजय सिंह ने कहा कि देश के हर पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल होना निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है, लेकिन आयोग यह जिम्मेदारी निभाने में असफल रहा है।
उन्होंने मांग किया कि वोटर लिस्ट मशीन-रीडेबल फॉर्मेट में उपलब्ध कराई जाए। मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए आधार कार्ड को मान्य दस्तावेज माना जाए। जिस दिन चुनाव की घोषणा हो, उसी दिन मतदाता सूची फ्रीज कर दी जाए। इसके बाद किसी का नाम न जोड़ा जाए और न हटाया जाए।
ब्राजील की मॉडल भी अब हमारी वोटर
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के नाम पर मध्य प्रदेश में 50 लाख से अधिक वोटरों के नाम काटने की तैयारी है, जिनमें अप्रवासी, आदिवासी और अन्य वर्गों के लोग शामिल हैं। उन्होंने तंज कसा, “वोट चोरी अब अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गई है, ब्राजील के मॉडल भी अब हमारे देश के वोटर बन चुके हैं। इससे बड़ा फर्जीवाड़ा और क्या हो सकता है।” उमंग सिंघार ने कहा कि कांग्रेस को इंतजार है कि चुनाव आयोग राहुल गांधी के साथ बैठक कर वोटर लिस्ट की समीक्षा कब करेगा।




