मंदसौर में एक प्रॉपर्टी डीलर ने ट्रेन के सामने कूदकर सुसाइड कर लिया। आरोप है कि भाजपा नेता अमजद पठान से परेशान होकर उसने आत्मघाती कदम उठाया। इसके बाद शनिवार को विभिन्न हिंदू संगठनों ने सुवासरा चौपाटी पर शव रखकर जाम लगा दिया। प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अमजद ने सरकारी भूमि पर अवैध मकान और बंगला बनाया है। प्रदर्शनकारियों की मांग पर प्रशासन ने अमजद के मकान को बुलडोजर से ढहा दिया।

दरअसल, प्रॉपर्टी डीलर मनीष व्यास ने शुक्रवार को सुसाइड कर लिया था। घटनास्थल से सुसाइड नोट मिला है। इसमें उसने अमजद पर 54 लाख रुपए हड़पने का आरोप लगाया है। कहा कि इनके जुल्मों से मैं तंग आ गया हूं। इस घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है।
परिवार को पैसा दिलाने के मांग पर अड़े प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच बात नहीं बनी। इस बीच स्थानीय विधायक हरदीप सिंह डंग ने पेट्रोल पंप के पास नारेबाजी करते हुए पहुंचे। उन्होंने प्रशासन पर कार्रवाई में देरी का आरोप लगाया। इसके बाद प्रशासन ने जेसीबी चलाकर चोमेला मार्ग पर पठान का अवैध मकान तोड़ना शुरू किया। सुवासरा तहसीलदार रामलाल मुनिया भी मौके पर पहुंचे।
प्रदर्शनकारी अब 54 लाख रुपए मनीष के परिवार को दिलाने और अमजद को भाजपा से निष्कासित करने की मांग पर अड़े हैं।




परिजन बोले- आरोपी अमजद की अवैध संपत्ति जब्त हो जिला जनपद परिषद प्रतिनिधि विजय पाटीदार का कहना है कि अमजद पठान हुआ परिवार में काफी अवैध संपत्ति अर्जित की है। उसको रात-शत किया जाए जिन-जिन लोगों को प्रताड़ित किया है उन्हें न्याय दिया जाए जिस प्रकार मनीष का परिवार 54 लाख रुपए दिलाई जा इस प्रकार की मांग सुवासरा चौपाटी चक्काजाम स्थल पर की जा रही है ।
प्रॉपर्टी डीलर के बेटे भूलेश्वर, भतीजा दीपक (पिता कैलाश व्यास) और मृतक मनीष के पिता बंसीलाल व्यास ने बताया कि अमजद पठान और उसके परिवार से उनका दो साल से पैसों का लेन-देन चल रहा था। अमजद ने कोई खेत दिलाने की बात कहकर रुपए लिए थे। हालांकि, उन्होंने कहा कि रुपए किस प्रकार से दिए गए, इसकी पूरी जानकारी फिलहाल उन्हें नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि अमजद यहां से कई लोगों के पैसे बटोरकर चला गया है और अब मंदसौर में रहने लगा है।
प्रदर्शनकारियों ने अपनी तीन मुख्य मांगों पर अड़े प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में तीनों आरोपियों के मकानों को ढहाना और मनीष के परिवार को 54 लाख रुपए की राशि दिलाना शामिल है। धीरे-धीरे प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ती जा रही है, जिससे सुवासरा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में तनाव का माहौल है। सड़क जाम के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया है।
पुलिस स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रही है, लेकिन लोगों का आक्रोश शांत नहीं हो रहा है। सीतामऊ एसडीओपी दिनेश प्रजापति घटनास्थल पर पहुंचकर लोगों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से सुवासरा एंट्री पॉइंट को बंद कर दिया है।




