इंदौर की कनाड़िया पुलिस ने एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। शिकायतकर्ता फर्म मालिक के अनुसार आरोपियों ने उनकी कंपनी के नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार कर नगर निगम से लाइसेंस लिया और इसके बाद अलग–अलग बैंकों से लोन लेकर लाखों रुपए हड़प लिए।
कनाड़िया पुलिस के मुताबिक हर्ष कुमार वर्मा निवासी वृंदा रेसिडेंसी लिबाेंदी की शिकायत पर पुलिस ने तीन आरोपियों कमल पुत्र राममिलन लोधी निवासी टीकमगढ़, रविकांत पुत्र भागीरथ प्रसाद तिवारी निवासी देवराहा दोराहा टीकमगढ़ और राहुल पुत्र नंदलाल चड़ार निवासी ड्रीम वैली के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
शिकायत में हर्ष वर्मा ने बताया कि आरोपियों ने उनकी कंपनी ‘श्याम ऑटोमोटिव’ के कोटेशन में छेड़छाड़ कर उसे संशोधित किया और डॉक्यूमेंट्स तैयार कर फर्जी तरीके से नगर निगम का लाइसेंस प्राप्त कर लिया।
फर्जी फर्म बनाकर लोन लिया
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने श्याम ऑटोमोटिव के नाम से एचडीएफसी बैंक महालक्ष्मी नगर शाखा में फर्जी खाता खुलवाया, जबकि इसके लिए कंपनी की तरफ से कोई अनुमति या अधिकार नहीं दिया गया था। खाता खुलवाने के लिए फर्जी पैन कार्ड, गुमाश्ता लाइसेंस, नकली सील का उपयोग किया गया।
इसके बाद आरोपी बैंकों से लोन लेकर रकम लेते रहे। बैंक और कंपनी दोनों की नजरों से बचने के लिए आरोपी शोरूम के असली कोटेशन्स को एडिट करते रहे और सेल्स एक्जीक्यूटिव के नंबर हटाकर अपने नंबर डालते गए, ताकि कोई सत्यापन कॉल कंपनी तक न पहुंच सके।
गाड़ियां दिलाने के लिए दबाव
आरोपियों ने लोन स्वीकृत होने के बाद वाहनों की डिलीवरी के लिए कंपनी पर दबाव बनाया, जबकि कंपनी के खाते में एक भी रुपया नहीं पहुंचा था। इस दौरान कंपनी को पूरे मामले में ठगी का संदेह हुआ और दस्तावेजों की जांच के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।
पुलिस जांच जारी
कनाड़िया पुलिस के अनुसार मामले में फर्जी दस्तावेज तैयार करने, बैंक को भ्रमित करने, ठगी और साइबर छेड़छाड़ जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। पुलिस आरोपियों के बैंक लेन देन, जमा दस्तावेजों और अन्य संभावित संबद्ध लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। जल्द ही आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की पूछताछ की जाएगी।




