अजाक्स के प्रांताध्यक्ष और सीनियर IAS अधिकारी संतोष वर्मा के ब्राह्मण की बेटियों को लेकर दिए बयान को लेकर विरोध तेज होता जा रहा है। शनिवार को बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (BU) के सामने सैकड़ों की संख्या में GEN-Z ने पंडित आशीष शर्मा के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान संतोष वर्मा के पुतले को गधे पर बैठाकर घुमाया गया। इस दौरान पुतले की जूते-चप्पलों से जमकर पिटाई की गई।


प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे आशीष शर्मा ने कहा कि यह मामला केवल एक समाज नहीं, बल्कि प्रदेश की सभी बहन-बेटियों के सम्मान से जुड़ा हुआ है। इसलिए दोषी अधिकारी पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर निलंबन आवश्यक है।
भाजपा के ब्राह्मण नेता चुप्पी साधे बैठे कांग्रेस प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि आईएएस संतोष वर्मा के बयान पर पूरे सवर्ण समाज में आक्रोश है, लेकिन भाजपा के ब्राह्मण नेता चुप्पी साधे बैठे हैं। क्या उनका जमीर खत्म हो गया है? जब एक समाज की बहन-बेटियों के सम्मान पर चोट पहुंचाई जा रही है, तब भाजपा नेता सड़कों पर क्यों नहीं उतर रहे? प्रदेश में ऐसी अभद्र मानसिकता को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।”
गधे पर बैठाकर जुलूस निकालने की धमकी प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पंडित आशीष शर्मा ने चेतावनी देते हुए कहा- आज हमने उनके पुतले को गधे पर बैठाकर पिटाई की है। यदि सरकार ने जल्द से जल्द संतोष वर्मा को निलंबित कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की तो GEN-Z खुद संतोष वर्मा को उनके घर से बाहर निकाल कर इसी तरह गधे पर बैठाकर पूरे मध्य प्रदेश में जुलूस निकालेंगे।
कार्रवाई नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा प्रदर्शनकारी अभिषेक द्विवेदी ने कहा- संतोष वर्मा ने जिस तरह का बयान दिया है, वह न केवल निंदनीय है, बल्कि समाज में अशांति फैलाने वाला है। हम उनकी स्थिति गधे से भी बदतर करेंगे, ताकि भविष्य में किसी भी अधिकारी को ऐसी गंदी मानसिकता का प्रदर्शन करने से पहले सौ बार सोचना पड़े।
वहीं लकी चौबे ने कहा कि जब तक दोषी अधिकारी पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन में अक्षय तोमर, रवि परमार, लकी चौबे, प्रतीक यादव, अभिषेक द्विवेदी, अंकित शर्मा, आदित त्रिपाठी साहिल प्रताव सिंह, अमित बूबड़े सहित सवर्ण समाज के सैकड़ों युवा शामिल थे ।
Gen-Z क्या है और इनका प्रदर्शन क्यों अलग
Gen-Z वह पीढ़ी है जो लगभग 1997 से 2012 के बीच पैदा हुई है। आज इनकी आयु लगभग 13 से 28 वर्ष के बीच है। ये पूरी तरह डिजिटल युग में पली-बढ़ी है। सोशल मीडिया, इंटरनेट, मोबाइल और तेज कम्युनिकेशन इनके जीवन का हिस्सा है।
इन्हें अकसर यंग, मुखर, टेक सेवी और सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर बेबाक आवाज उठाने वाली पीढ़ी कहा जाता है। इसलिए इनके प्रदर्शन को Gen-Z प्रदर्शन कहा जाता है। यह शब्द नेपाल में हुए विद्रोह के बाद से चर्चा में है, जो नई पीढ़ी की सामूहिक नाराजगी और सामाजिक चेतना का प्रदर्शन था।
रीवा सांसद ने केंद्र को लिखा पत्र रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा ने केंद्र सरकार के कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह को पत्र भेजकर वर्मा की टिप्पणी, पुराने आपराधिक मामलों और आईएएस में हुई पदोन्नति सभी की जांच की मांग की है। सांसद ने वर्मा पर जाति बदलकर प्रमोशन लेने का भी गंभीर आरोप लगाया है।
सांसद ने पत्र में लिखा कि अजाक्स (AJAKS) के कार्यक्रम में वर्मा ने मंच से कहा था, “जब तक कोई ब्राह्मण अपनी बेटी मेरे बेटे को दान न दे दे या उससे संबंध न बना ले, तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए।” सांसद ने इस बयान को अशोभनीय, अपमानजनक, लैंगिक रूप से संवेदनशील और जातीय वैमनस्य फैलाने वाला बताया है।

SC से ST बनकर प्रमोशन लेने का आरोपसांसद ने पत्र में लिखा कि वर्मा पहले अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के अधिकारी थे, लेकिन आईएएस चयन के लिए उन्होंने स्वयं को अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग का बताकर पदोन्नति हासिल की। इसकी जांच होनी चाहिए।




