क्राइम डिटेक्शन और कम्युनिटी एंगेजमेंट पर दिया रोडमैप, ‘नशे से दूरी’ अभियान की प्रधानमंत्री ने की सराहना
भोपाल। रायपुर में आयोजित डीजीपी/आईजी कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन मध्य प्रदेश पुलिस की प्रभावी पहल राष्ट्रीय स्तर पर सराही गई। राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) कैलाश मकवाणा ने “विजन 2047 के लिए पुलिसिंग का रोडमैप” विषय पर अपना प्रेजेंटेशन दिया, जिसमें उन्होंने क्राइम डिटेक्शन और कम्युनिटी एंगेजमेंट जैसे दो प्रमुख क्षेत्रों पर विस्तार से जानकारी दी।
प्रधानमंत्री की मौजूदगी में हुई चर्चा
कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह पूरे समय उपस्थित रहे। इस दौरान देश की आंतरिक सुरक्षा और पुलिस बलों के सामने आ रही उभरती चुनौतियों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। पिछली कॉन्फ्रेंस की सिफारिशों का कार्यान्वयन, आतंकवाद निरोध, महिला सुरक्षा, बड़े आंदोलनों से निपटना, भगोड़े भारतीयों को वापस लाना, और जांच तथा अभियोजन के लिए फोरेंसिक के बढ़े हुए उपयोग जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने प्रेजेंटेशन दिए।
क्राइम कंट्रोल और जन विश्वास पर फोकस
डीजीपी मकवाणा ने अपने प्रेजेंटेशन में बताया कि मध्य प्रदेश पुलिस किस तरह से भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार है। उन्होंने अपराध की पहचान और रोकथाम (Crime Detection & Prevention) के लिए बनाए गए मजबूत तंत्र पर प्रकाश डाला। इसके साथ ही, उन्होंने सामुदायिक जुड़ाव और जन विश्वास (Community Engagement & Public Trust) बढ़ाने के प्रयासों को भी साझा किया, जो आधुनिक पुलिसिंग के लिए बेहद जरूरी हैं।
‘नशे से दूरी’ अभियान की सराहना
डीजीपी मकवाणा ने मध्य प्रदेश में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष जागरूकता अभियान “नशे से दूरी – है जरूरी” की जानकारी दी। इस अभियान के सामाजिक महत्व और जन जागरूकता के प्रयासों को माननीय प्रधानमंत्री जी और उपस्थित अधिकारियों ने विशेष रूप से सराहा।
प्रधानमंत्री से सीधी और महत्वपूर्ण चर्चा
कॉन्फ्रेंस के बाद, रात्रिभोज के दौरान डीजीपी मकवाणा को देश के तीन अन्य डीजीपी के साथ माननीय प्रधानमंत्री जी से सीधे बातचीत करने का अवसर मिला। इस दौरान डीजीपी मकवाणा ने भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) और मध्य प्रदेश में आगामी सिंहस्थ कुंभ की तैयारियों से संबंधित विषयों पर प्रधानमंत्री जी के साथ सार्थक और महत्वपूर्ण चर्चा की। मध्य प्रदेश पुलिस के प्रयासों को राष्ट्रीय मंच पर मिली यह सराहना राज्य में पुलिसिंग की गुणवत्ता और उसकी भविष्य की तैयारियों को रेखांकित करती है।



