विदिशा जिले के विभिन्न बैंकों में एक चौंकाने वाली वित्तीय स्थिति सामने आई है, जहां लगभग 47 करोड़ रुपए हजारों नॉन एक्टिव खातों में पड़े हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ‘आपकी पूंजी आपका अधिकार’ अभियान के तहत आयोजित एक बैठक में यह खुलासा हुआ। इन खातों में लंबे समय से कोई लेन-देन नहीं हुआ है, जिस पर अपर कलेक्टर (ADM) अनिल डामोर ने चिंता व्यक्त की है।
उन्होंने बैंकों को तुरंत ऐसे खातों को सक्रिय करने के निर्देश दिए हैं। लीड बैंक अधिकारी के अनुसार, इस राशि में DEAF खातों में ₹4.79 करोड़, संस्थागत खातों में ₹4.97 करोड़, और आम लोगों के निजी खातों में सर्वाधिक ₹37.57 करोड़ शामिल हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि यह बड़ी रकम जिले के नागरिकों की है।
1.42 लाख से अधिक खाते निष्क्रिय; निपटान की प्रक्रिया शुरू
जिले में कुल 1,42,339 खाते ऐसे हैं जिनमें लंबे समय से कोई हलचल नहीं हुई है, जिनमें 4,263 सरकारी खाते, 6,020 संस्थागत खाते, और 1,32,056 निजी खाते शामिल हैं। इस बैठक में, SBI, यूनियन बैंक, सेंट्रल बैंक जैसे बड़े बैंकों के उच्च राशि वाले 50 निष्क्रिय खातों की समीक्षा की गई। अच्छी खबर यह है कि पीडब्ल्यूडी, जिला पंचायत, और शिक्षा जैसे विभिन्न विभागों से संबंधित इन 50 खातों में फंसी ₹3.50 करोड़ की राशि जारी कराई गई है।
लोगों से अपील: KYC कराएं और पूंजी वापस पाएं
अग्रणी बैंक प्रबंधक ने जिले के सभी लोगों से विशेष अपील की है कि यदि उनका कोई बैंक खाता वर्षों से बंद पड़ा है या उसमें राशि होने के बावजूद लेन-देन नहीं हुआ है, तो वे तुरंत अपनी संबंधित बैंक शाखा से संपर्क करें। लोगों को सलाह दी गई है कि वे जल्द से जल्द अपना KYC (नो योर कस्टमर) अपडेट कराएं और खाते को सक्रिय करें। बैंक ने आश्वस्त किया है कि जैसे ही खाता सक्रिय होगा, उनकी पूरी जमा राशि उन्हें तत्काल वापस मिल जाएगी, जिससे यह बड़ी निष्क्रिय पूंजी फिर से उपयोग में लाई जा सके।




