चित्तौड़गढ़ में शोक सभा के दौरान एक युवक ने अपने चचेरे भाई पर फायरिंग कर दी। फायरिंग में वह तो बच गया लेकिन पास खड़े दोस्त को गोली लग गई। फायरिंग के बाद दोनों बदमाश कार को गांव में छोड़ खेतों के रास्ते फरार हो गए।

फायरिंग करने वाले ने चाची के साथ की थी मारपीट ASI प्रेमनाथ ने बताया- उदयपुर जिले के वल्लभनगर थाना क्षेत्र के अघोरिया गांव निवासी नरेश जाट (40) और उसके चचेरे भाई सुनील (26) के बीच जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। दोनों की वल्लभनगर में जमीन है।
शनिवार सुबह इस विवाद के चलते नरेश ने सुनील की मां के साथ मारपीट की थी। सुनील को इस बारे में पता चला तो वह वल्लभनगर थाने पहुंचा और नरेश के खिलाफ मामला दर्ज करवाया। इसके बाद सुनील अपने दोस्त राजू धनगर (27) के साथ दोस्त की शोकसभा में शामिल होने चित्तौड़गढ़ के किशोरजी का खेड़ा गांव के लिए निकल गया।
नरेश शोकसभा में पहुंचा और फायरिंग कर दी उधर, जैसे ही नरेश को पता चला कि सुनील ने उसके खिलाफ मामला दर्ज करवाया है तो वह गुस्से में आ गया। इस दौरान उसे पता चला कि सुनील किशोरजी का खेड़ा गांव गया हुआ है। इस पर नरेश अपने दोस्त भूपेंद्र मारवाड़ा के साथ ब्रेजा कार लेकर किशोरजी का खेड़ा गांव आया।
नरेश ने शोकसभा में सुनील को देखते ही 2 राउंड फायर कर दिए। फायरिंग में सुरेश बच गया, लेकिन गोली उसके दोस्त राजू के कमर के निचले हिस्से में जा लगी। फायरिंग के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। वहां मौजूद लोगों ने राजू को हॉस्पिटल पहुंचाया।

फायरिंग कर कार छोड़कर भागे कुछ नरेश और उसके दोस्त को पकड़ने के लिए दौड़े, लेकिन दोनों कार छोड़कर फरार हो गए। दोनों खेतों के रास्ते होते हुए गांव के बाहर पहुंचे और फिर एक अल्टो कार में सवार होकर फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलने के बाद चित्तौड़गढ़ और उदयपुर जिले की सीमाओं पर सख्त नाकाबंदी करवाई गई।
निकुंभ थानाधिकारी रामसिंह ने बताया- फायरिंग में घायल हुआ राजू खेती करता है। सुनील का भी खेती बाड़ी का काम है, जबकि नरेश तस्कर है। वह प्रतापगढ़ जिले के धरियावद थाने में NDPS के मामले का वांटेड है, जिसकी जानकारी मंगवाई है।
घटनास्थल पर एमआईयू टीम को बुलाकर प्रारंभिक जांच करवाई और FSL टीम को भी बुलाया। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है और उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।




