राजस्थान से मजदूरी की तलाश में राजधानी आए युवक को कोरोना के कारण ढंग का काम नहीं मिली। उधर बेटी के इलाज के लिए रुपयों की जरुरत ने उसे अपराध करने को मजबूर कर दिया। उसने अपने जैसे एक युवक के साथ मिलकर मोबाइल फोन की दुकान में सेंध लगाकर 42 महंगे मोबाइल एवं चार्जर चोरी कर लिए थे। उनके बेचे मोबाइल को लोगों ने जैसे ही इस्तेमाल किया, पुलिस ने तकनीक का सहारा लेकर पूरे गिरोह को दबोच लिया। पुलिस ने चोरी के मोबाइल खरीदने वाले तीन दुकानदारों को भी गिरफ्तार कर लिया है।डीसीपी जोन-तीन रियाज इकबाल ने बताया कि हनुमानगंज इलाके के चैतन्य मार्केट में प्रकाश मोबाइल सेंटर में सेंधमारी कर 42 नए मोबाइल फोन चोरी कर लिए थे। पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर लगे कैमरों के फुटेज देखे। उसमें संदिग्ध आरोपितों का हुलिया तो मिला, लेकिन पुराने अपराधियों से उनका मिलान नहीं हो पा रहा था। उधर चोरी गए सभी मोबाइल फोन को उनके आइएमईआइ नंबर के आधार पर सर्चिंग पर लगा रखा था। जैसे ही मोबाइल फोन में सिम डाली गईं, पुलिस को सुराग हासिल हो गया। पुलिस ने इस मामले में चोरी के मुख्य आरोपित निशातपुरा निवासी शब्बीर अली उर्फ मेहबूब (35) को पकड़ा। मूलत: राजस्थान निवासी शब्बीर मजदूरी करता है। डेढ़ वर्ष पहले वह मजदूरी की तलाश में भोपाल आया था। कोराना के कारण उसे काम नहीं मिल रहा था। उसकी बीमार बेटी के इलाज के लिए रुपयों की भी जरूरत थी। यह बात उसने साथी मजदूर फिजा कालोनी निवासी वाहिद उर्फ भेंड़ा (24) को बताई। उसने चैतन्य मार्केट की रैकी की। इसके बाद वारदात को अंजाम दे दिया। पुलिस ने चोरी के मोबाइल फोन खरीदने के आरोप में दुकानदार मोइनउद्दीन उर्फ मोनू, संतोष सेन एवं सोनू साहू को भी गिरफ्तार कर सभी 42 फोन बरामद कर लिए हैं। मुख्य आरोपितों का यह पहला अपराध है।




