भोपाल। राजधानी के मिसरोद थाना अंतर्गत कजलीखेड़ा में रहने वाली 48 वर्षीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ओमवती मीणा ने शुक्रवार शाम फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। ओमवती का शव थुआखेड़ा स्थित उसी आंगनबाड़ी केंद्र में फंदे से लटका मिला, जहाँ वह कार्यरत थीं। पुलिस को शव के पास से दो पन्नों का सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उन्होंने अपनी मौत के लिए पति राजेश मीणा को जिम्मेदार ठहराया है।

सुसाइड नोट में लिखा- ‘पति को मिले कड़ी सजा’
मृतका ने सुसाइड नोट में पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने लिखा कि पति राजेश ने बिना तलाक लिए दूसरी शादी कर ली और पिछले 30 सालों से उन्हें प्रताड़ित कर रहा था। नोट के मुताबिक:
- पति ने ओमवती के नाम पर कार फाइनेंस करवाई थी, जिसकी किश्त ओमवती के वेतन से कटती थी लेकिन कार पति इस्तेमाल करता था।
- राजेश आए दिन गाली-गलौज और बदतमीजी करता था और आत्महत्या के लिए उकसाता था।
- ओमवती ने मांग की है कि उनके बेटे और बहू को उनका हक दिलाया जाए और पति को कड़ी से कड़ी सजा मिले।
सहकर्मी ने देखा फंदे पर लटका शव
शुक्रवार शाम ओमवती ने अपनी सहकर्मी को बच्चों को छोड़ने गांव भेजा था। जब सहकर्मी वापस लौटी, तो उसने ओमवती को दुपट्टे के फंदे से लटका पाया। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शनिवार को जीएमसी में पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है।
30 साल से चल रहा था विवाद
परिजनों के अनुसार, ओमवती पिछले तीन दशकों से अपने मायके में रहकर बेटे को पाल रही थीं। उनका बेटा अब 28 वर्ष का है। मृतका के दामाद ने बताया कि राजेश मीणा लगातार फोन पर और मिलकर ओमवती को धमकाता था, जिससे वह गहरे तनाव (डिप्रेशन) में थीं।
पुलिस का पक्ष: “सुसाइड नोट और परिजनों के बयानों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। सुसाइड नोट को हैंडराइटिंग एक्सपर्ट के पास भेजा जाएगा और आरोपी पति के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”




