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बजट सत्र से पहले वित्त विभाग सख्त

विधानसभा के फरवरी में प्रस्तावित बजट सत्र की तैयारियों के बीच वित्त विभाग ने सभी विभागों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि 31 मार्च से पहले की शेष वित्तीय तिमाही के दौरान अफसरों के लिए नई गाड़ियां खरीदने, कार्यालयों में एसी लगवाने, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या फर्नीचर की खरीद के लिए किसी भी तरह का बजट आवंटन नहीं किया जाएगा।

वित्त विभाग ने सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि चालू वित्त वर्ष के तीसरे अनुपूरक बजट में इस तरह के मामलों से संबंधित कोई भी प्रस्ताव न भेजा जाए।

विस में पेश किया जाएगा तीसरा अनुपूरक

वित्त विभाग के अनुसार अगले माह से शुरू होने वाले विधानसभा बजट सत्र के दौरान वर्ष 2025-26 के लिए तीसरा अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। राज्य सरकार ने इस वर्ष बजट निर्माण की प्रक्रिया जीरो बेस्ड बजट प्रणाली के आधार पर की है, जिसमें सभी मदों की समीक्षा के बाद ही प्रावधान किए गए हैं। साथ ही पूर्व वित्तीय वर्ष के लंबित बिलों को बजट प्रावधान के जरिए न्यूनतम करने का प्रयास भी किया गया है।

23 जनवरी तक ऑनलाइन मांगे प्रस्ताव

ऐसी स्थिति में तीसरे अनुपूरक बजट के लिए विभागों से केवल तय मापदंडों के अनुरूप प्रस्ताव ही स्वीकार किए जाएंगे। वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी प्रस्ताव 23 जनवरी 2026 तक केवल ऑनलाइन माध्यम से ही भेजे जाएंगे।

विभाग ने यह भी निर्देश दिए हैं कि तीसरे अनुपूरक बजट से संबंधित सभी प्रस्ताव पहले संबंधित प्रशासकीय विभाग से अनुमोदन के बाद ही भेजे जाएं। प्रस्ताव में योजना का सेगमेंट कोड और नाम स्पष्ट रूप से उल्लेखित करना अनिवार्य होगा।

इसके अलावा जिन बजट मदों में केंद्र सरकार से सहायता प्राप्त होनी है, वहां केंद्र से मिलने वाली राशि की पूरी जानकारी देना जरूरी होगा, चाहे वह अनुदान हो या ऋण के रूप में। यदि किसी मद के लिए अतिरिक्त राशि की मांग की जा रही है, तो उसके साथ अनुदान संख्या और संबंधित वित्तीय विवरण भी अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने होंगे।

इन प्रस्तावों को ही किया जाएगा स्वीकार

  • जिन कामों के लिए राज्य की आकस्मिक निधि से एडवांस स्वीकृत किया गया है।
  • ऐसे प्रस्ताव जिसके लिए विभागों ने वित्त विभाग से चर्चा की है और जिनके लिए वित्त विभाग द्वारा सहमति दी गई है।
  • जिनके लिए भारत सरकार या अन्य एजेंसी से वित्तीय सहायता या केंद्रांश स्वीकृत किया गया हो और जो मौजूदा बजट मद से अलग नहीं की जा सकती हो।
  • जिसके लिए अतिरिक्त संसाधन की व्यवस्था प्रशासकीय विभाग अन्य योजनाओं में उपलब्ध राशि से कटौती कर बचत राशि से नहीं कर पाएंगे।
  • विशेष पूंजीगत सहायता योजना में जिन विभागों द्वारा भारत सरकार को प्रस्ताव भेजे गए हैं या भेजना है उसके अंतर्गत अलग से बजट लाइन खोलने की आवश्यकता हो तो प्रतीक प्रावधान से अलग से बजट लाइन खोलने के लिए अनुपूरक प्रस्ताव दिया जा सकेगा।
  • विशेष पूंजीगत सहायता योजना में भारत सरकार द्वारा स्वीकृति प्राप्त कार्यों में यदि अलग से अतिरिक्त बजट की जरूरत हो तथा अन्य योजनाओं से बचत की पूर्ति किया जाना संभव नहीं हो।

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