रतलाम जिले के शिवगढ़ क्षेत्र के ठिकरिया गांव में जादू-टोना के शक में पिता और 3 साल के बेटे की हत्या के मामले में कोर्ट ने तीन आरोपियों को दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश राजेश नामदेव ने फैसला सुनाते हुए दोषियों पर 1 लाख 11 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने तुलसीबाई (45), उसकी बेटी माया (24) और जेठ के बेटे राहुल पलासिया (27) को दोषी माना है। तीनों घटना वाले दिन से ही जेल में बंद हैं।
अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता समरथ पाटीदार ने बताया कि 21 फरवरी 2021 को तड़के परिवार के सदस्य राजाराम (24) को मृत अवस्था में लेकर जिला अस्पताल पहुंचे थे। पुलिस को पता चला कि उसकी हत्या जादू-टोने के चलते की गई है और ग्रामीणों ने तांत्रिक क्रिया करने वालों को राजाराम के पिता कन्हैयालाल के घर में बंद कर रखा है। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो घर के अंदर से चिल्लाने की आवाज और सेंट-अगरबत्ती की तीखी खुशबू आ रही थी। दरवाजा तोड़कर पुलिस अंदर घुसी तो वहां कटे हुए नींबू, सिंदूर, अगरबत्ती और तांत्रिक क्रिया का सामान बिखरा हुआ था।
मासूम के ऊपर बैठी थी माया, मुंह में फंसाई उंगलियां
कमरे का दृश्य देखकर पुलिस भी दंग रह गई। 3 साल के मासूम आदर्श के ऊपर उसकी बुआ तुलसीबाई की बेटी माया बैठी हुई थी। उसने बच्चे के मुंह में अपनी उंगलियां फंसा रखी थीं। आदर्श बेहोशी की हालत में था। पुलिस ने माया को हटाकर बच्चे को निकाला। वहीं, राजाराम की मां थावरी बाई को जमीन पर गिराकर उसके ऊपर तुलसीबाई बैठी हुई थी। थावरी बाई घायल थी। कमरे के एक कोने में राजाराम के भाई विक्रम की पत्नी अनिता अपनी 6 साल की बेटी निकिता को लेकर डरी-सहमी बैठी थी। निकिता को भी चोट लगी थी।
गले में सिक्का ठूंसा, परिजन भी नहीं बोल पा रहे थे
जादू-टोना करने वाले इन आरोपियों ने सीमा के गले में 2 रुपए का सिक्का फंसा दिया था। वहीं थावरी बाई गंभीर घायल होने के कारण बोल नहीं पा रही थीं। पुलिस ने जांच के बाद तुलसीबाई, माया और राहुल पलासिया के खिलाफ जादू-टोना और तांत्रिक क्रियाओं के बहाने षड्यंत्र रचकर राजाराम व उसके बेटे आदर्श (3) की हत्या करने का केस दर्ज किया था।
तलवार और कपड़ों पर मिला खून, पीड़ितों को मिलेगी राशि
कोर्ट में 25 गवाहों के बयान हुए और 85 दस्तावेज पेश किए गए। आरोपी माया से जब्त तलवार, लेगी और आरोपी राहुल के कपड़ों पर मृतक आदर्श का खून पाया गया। कोर्ट ने आदेश दिया कि जुर्माने की राशि में से 50 हजार रुपए मृतक आदर्श के दादा कन्हैयालाल को और 10-10 हजार रुपए आहत थावरीबाई, निकिता व माला को दिए जाएंगे। साक्ष्य के अभाव में राजाराम के भाई विक्रम (33) और उसकी छोटी बहन सागर (27) को दोषमुक्त कर दिया गया है।




