इंदौर | शहर में साइबर अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। ताजा मामला द्वारकापुरी क्षेत्र का है, जहाँ एक निजी कार कंपनी में काम करने वाले डाटा ऑपरेटर को ठगों ने अपना शिकार बनाया। बैंक कर्मचारी बनकर आए एक फर्जी कॉल ने पीड़ित के खाते से करीब 5 लाख रुपये साफ कर दिए।
ऐसे बिछाया ठगी का जाल
स्कीम नंबर-71 के निवासी विकास शुक्ला को 13 फरवरी को ‘राहुल शर्मा’ नामक व्यक्ति का फोन आया। आरोपी ने खुद को बैंक ऑफ इंडिया का कर्मचारी बताया और डराया कि खाते की ई-केवाईसी (e-KYC) अपडेट न होने पर खाता बंद हो सकता है।
लिंक क्लिक करते ही बदला मोबाइल नंबर
ठग ने विकास को झांसे में लेकर एक सॉफ्टवेयर लिंक भेजा। जैसे ही विकास ने लिंक पर क्लिक किया, शातिर अपराधी ने उसके बैंक खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर बदल दिया। इसके तुरंत बाद अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए खाते से 5 लाख रुपये उड़ा लिए गए।
पुलिस की कार्रवाई:
विकास की शिकायत पर द्वारकापुरी पुलिस ने अज्ञात मोबाइल नंबरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस अब उन बैंक खातों और लोकेशन की जांच कर रही है, जहाँ पैसा ट्रांसफर हुआ है।
बचाव के लिए वरिष्ठ पत्रकार की सलाह:
- कभी न करें क्लिक: बैंक कभी भी केवाईसी अपडेट करने के लिए फोन पर कोई ऐप डाउनलोड करने या लिंक पर क्लिक करने को नहीं कहता।
- खुद बैंक जाएं: ऐसी किसी भी समस्या के लिए हमेशा अपनी बैंक शाखा में जाकर संपर्क करें।
- तुरंत करें रिपोर्ट: साइबर फ्रॉड होने पर फौरन हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।




