इंदौर। शहर के लसूड़िया क्षेत्र में साइबर अपराधियों ने एक इलेक्ट्रॉनिक कारोबारी को अपना निशाना बनाते हुए उनके बैंक खाते से करीब 5.5 लाख रुपए पार कर दिए। ठगी के लिए बदमाशों ने ‘ई-चालान’ के नाम पर एक खतरनाक APK फाइल का सहारा लिया। लंबी जांच के बाद लसूड़िया पुलिस ने गुरुवार को अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
कैसे हुई वारदात?
शांति निकेतन निवासी कारोबारी आशीष तिवारी के पास 24 जनवरी को मोबाइल पर एक मैसेज आया, जिसमें वाहन चालान भरने की बात कही गई थी। मैसेज के साथ एक फाइल (APK) अटैच थी। जैसे ही आशीष ने उस फाइल को डाउनलोड कर ओपन किया, उनका फोन हैक हो गया। कुछ ही मिनटों में उनके खाते से एक के बाद एक पांच ट्रांजेक्शन हुए और साढ़े पांच लाख रुपए निकल गए।
हांगकांग से जुड़े हैं तार
पुलिस की प्रारंभिक जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जिस लिंक या फाइल के जरिए ठगी की गई, उसका सर्वर हांगकांग में संचालित हो रहा था, जबकि पैसों का ट्रांजेक्शन भारत के ही अलग-अलग खातों में हुआ है।
सावधानी ही बचाव है: पुलिस ने नागरिकों को आगाह किया है कि किसी भी अनजान नंबर से आए व्हाट्सएप मैसेज या लिंक पर क्लिक न करें, खासकर यदि वह फाइल .apk फॉर्मेट में हो।




