भोपाल। मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के घर आज सुबह से ही खूब चहल-पहल थी। मौका था गणगौर के त्योहार का, जो मालवा और निमाड़ की जान माना जाता है। उपमुख्यमंत्री ने अपनी पत्नी श्रीमती रेनू देवड़ा और पूरे परिवार के साथ मिलकर ईसर जी और गवरजा माता की जमकर पूजा की।
परंपरा और भक्ति का देसी रंग
मंत्रों के जाप और ढोल-नगाड़ों के बीच, देवड़ा परिवार ने पूरी सादगी और श्रद्धा के साथ इस उत्सव को मनाया।
- सजावट और श्रृंगार: माता गवरजा और ईसर जी को नए-नए कपड़े और गहने पहनाकर खूब सजाया गया।
- पारंपरिक गीत: श्रीमती रेनू देवड़ा और परिवार की अन्य महिलाओं ने गणगौर के पुराने लोक गीत गाए, जिससे पूरा माहौल भक्ति के रंग में रंग गया।
- सुख-समृद्धि की कामना: उपमुख्यमंत्री ने माता से आशीर्वाद मांगा कि पूरे मध्य प्रदेश में खुशहाली आए और सबका मंगल हो।
क्या बोले उपमुख्यमंत्री?
पूजा के बाद श्री देवड़ा ने मुस्कुराते हुए कहा, “गणगौर सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि हमारे संस्कारों की पहचान है। हमें अपनी जड़ों को कभी नहीं भूलना चाहिए।”
पूरी हुई 16 दिनों की तपस्या
बता दें कि गणगौर का यह पर्व 16 दिनों तक चलता है, जिसमें सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं और कुंवारी कन्याएं अच्छे वर की कामना करती हैं। आज विसर्जन के साथ इस भक्ति भाव वाले उत्सव का समापन हुआ।



