देवास। मध्य प्रदेश के देवास जिले में पुलिस ने शादी के नाम पर लाखों की ठगी करने वाली एक शातिर ‘लुटेरी दुल्हन’ गैंग का भंडाफोड़ किया है। नाहर दरवाजा थाना पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए फरार दुल्हन समेत कुल 6 आरोपियों को इंदौर और राजगढ़ से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से ठगी के 1 लाख 18 हजार 500 रुपए भी बरामद किए हैं।
2 लाख में तय हुआ था सौदा
मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित जानकीलाल पुवाडिया ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जानकीलाल अपने बेटे अमन की शादी न होने से परेशान थे। इसी बीच अतरसिंह नामक बिचौलिए ने उनसे संपर्क किया और 2 लाख रुपए के खर्चे में शादी कराने का झांसा दिया। गिरोह ने राजगढ़ के जीरापुर में जानकीलाल की मुलाकात सीमा यादव और उसकी कथित मौसी गीताबाई से करवाई।
शादी की अगली सुबह हुई रफूचक्कर
दोनों पक्षों में सहमति बनने के बाद 6 मई 2026 को लिखा-पढ़ी कर अमन और सीमा की शादी करा दी गई। पीड़ित पक्ष ने तय रकम के अनुसार आरोपियों को 2 लाख रुपए नकद दे दिए। लेकिन लुटेरी दुल्हन के इरादे कुछ और ही थे। विदाई के अगले ही दिन रात के अंधेरे में सीमा यादव घर से कीमती सामान और नकदी लेकर फरार हो गई। काफी तलाश के बाद जब उसका पता नहीं चला, तो परिवार को ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने पुलिस की शरण ली।
इन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने मुखबिरों की सूचना पर घेराबंदी कर गैंग के 6 सदस्यों को दबोचा है। पकड़े गए आरोपियों में:
- सीमाबाई (21 वर्ष): निवासी उमरिया (दुल्हन)
- गीता बाई: निवासी राजगढ़ (कथित मौसी)
- अतरसिंह: निवासी ईटावा (बिचौलिया)
- कमल मालवीय: निवासी इंदौर
- फारूक मंसूरी: निवासी राजगढ़
- कमल उर्फ दिलीप: निवासी उज्जैन
कई लोगों को बना चुके हैं शिकार
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया है कि वे पहले भी कई भोले-भाले लोगों को शादी का झांसा देकर ठग चुके हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस गिरोह ने और किन-किन शहरों में वारदातों को अंजाम दिया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि शादी-ब्याह जैसे मामलों में पूरी जांच-पड़ताल के बाद ही कोई लेनदेन करें।



