भोपाल। राजधानी में साइबर अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। ठगों ने झांसा देकर एक होटल मैनेजर और एक कपड़ा व्यापारी के खातों से करीब 2.89 लाख रुपए पार कर दिए। कोहेफिजा और कोलार पुलिस ने अज्ञात जालसाजों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
केस 1: यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब करने के नाम पर 1.70 लाख की चपत
कोहेफिजा निवासी 23 वर्षीय विनय लालवानी, जो एक निजी होटल में सेल्स मैनेजर हैं, ‘टास्क फ्रॉड’ का शिकार हो गए।
- कैसे हुई ठगी: विनय को एक वॉट्सएप ग्रुप में जोड़कर यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब करने का लालच दिया गया। शुरुआत में भरोसा जीतने के लिए उन्हें 150 रुपए दिए गए।
- टेलीग्राम का जाल: इसके बाद आरोपियों ने उन्हें टेलीग्राम ग्रुप में जोड़कर निवेश के नाम पर पैसे जमा कराए।
- नुकसान: विनय ने कुल 1.70 लाख रुपए गंवा दिए। जब ठगों ने 3.26 लाख रुपए और मांगे, तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ।
केस 2: पार्सल डिलीवरी के बहाने व्यापारी के खाते से उड़े 1.19 लाख
कोलार के यशोदा परिसर निवासी 66 वर्षीय कपड़ा व्यापारी नरेंद्र नारंग को पार्सल के नाम पर निशाना बनाया गया।
- झांसा: ठगों ने फोन कर कहा कि आपका पार्सल आया है, लेकिन पता साफ नहीं है। एड्रेस अपडेट करने के लिए उन्हें एक ‘एपीके’ (APK) फाइल की लिंक भेजी गई।
- गलती: व्यापारी ने जैसे ही लिंक से एप डाउनलोड किया, कुछ ही मिनटों में उनके खाते से 1.19 लाख रुपए कट गए।
पत्रकार की सलाह: इन बातों का रखें ध्यान
| क्या करें | क्या न करें |
|---|---|
| अनजान नंबर से आए किसी भी लिंक पर क्लिक न करें। | टेलीग्राम या वॉट्सएप पर मिले निवेश के लालच में न आएं। |
| कोई भी ऐप हमेशा आधिकारिक ‘Play Store’ से ही डाउनलोड करें। | अपनी व्यक्तिगत जानकारी (आधार, बैंक डिटेल) अनजान को न दें। |
| ठगी होने पर तुरंत 1930 नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं। | किसी भी अनजान APK फाइल को फोन में इंस्टॉल न करें। |



