नशेड़ी बदमाश की बहादुरी निहत्थी महिला पर चलाई गोली, फरार होकर पुलिस की गश्त को दिखाया ठेंगा।
भोपाल। राजधानी के ऐशबाग थाना क्षेत्र में बदमाशों के बुलंद हौसलों ने एक बार फिर पुलिस प्रशासन को खुली चुनौती दी है। पुरानी रंजिश के चलते एक निगरानीशुदा बदमाश ने बीच बस्ती में घर पर फायरिंग कर दहशत फैला दी और वारदात के बाद आसानी से फरार हो गया। हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन सरेराह हुई इस फायरिंग ने इलाके में डर का माहौल पैदा कर दिया है। वही मामले में ऐशबाग पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आरोपी दानिश की सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है। मामले में पुलिस सूत्रों ने बताया है कि आरोपी बेहद चालाक और धनी हैं। जिसके कारण आरोपी आसानी से लंबे समय तक फरारी काटने में कामयाब हो सकता है ।
गाली-गलौज और सरेराह तांडव
फरियादिया रेहाना बेगम (50) निवासी सम्मू का बाग, ऐशबाग ने थाने में दर्ज रिपोर्ट में बताया कि रात करीब 11 बजे जब उनका बड़ा बेटा मोह. तारिक अपनी फैमिली के साथ करोंद गया हुआ था, तभी दानिश अली और उसकी पत्नी रिमशा उनके घर के बाहर पहुंचे। आरोपी दानिश हाथ में पिस्टल लिए था और दोनों पति-पत्नी रेहाना के छोटे बेटे गुराज को सरेआम भद्दी गालियां दे रहे थे। शोर सुनकर जब मोहल्ले वाले जमा हुए और रेहाना ने जाली वाले दरवाजे से झांका, तो बदमाशों ने सीधे उन पर फायरिंग कर दी।

लोहे का दरवाजा बना रक्षक, मिले खाली खोखे
आरोपी दानिश ने रेहाना बेगम को देखते ही चिल्लाकर कहा कि “आज तुझे ही जान से खत्म कर देते हैं” और पिस्टल से फायर झोंक दिया। गोली सीधे लोहे के दरवाजे की चादर में जा लगी, जिससे रेहाना की जान बच गई। इसके बाद दहशत फैलाने के लिए आरोपी ने दो और राउंड फायर किए और गालियां देते हुए फरार हो गया। पुलिस को मौके से पीतल के तीन खाली खोखे भी बरामद हुए हैं, जो वारदात की गंभीरता को दर्शाते हैं।
पुरानी रंजिश और बदले की आग
सूत्रों के मुताबिक, इस पूरी वारदात की जड़ें कुछ महीने पहले ईटखेड़ी थाना क्षेत्र में हुए गोलीकांड से जुड़ी हैं। उस समय आरोपी दानिश और उसकी पत्नी पर हमला हुआ था, जिसमें वे घायल हो गए थे। उस मामले के मुख्य आरोपी फिलहाल जेल में हैं, लेकिन गुराज नामक आरोपी अभी भी फरार है। बताया जा रहा है कि दानिश इसी का बदला लेने की फिराक में था। अपनी साख दोबारा कायम करने और दहशत फैलाने के इरादे से दानिश ने फरार बुरहान के घर को निशाना बनाया और ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।

नशे की गिरफ्त में बदमाश…
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी दानिश थाना बजरिया का लिस्टेड (निगरानीशुदा) बदमाश है और बुरी तरह नशे का आदी है। वह लंबे समय तक नशा मुक्ति केंद्र में भी रह चुका है, लेकिन बाहर आते ही उसने फिर से अपराध का रास्ता चुन लिया। एक आदतन अपराधी का इस तरह सरेआम हथियार लहराना क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है।
कमिश्नर की गुड पुलिसिंग को चुनौती
नए पुलिस कमिश्नर संजय कुमार एक तरफ जहां जनता-पुलिस संवाद के जरिए पुलिस की छवि सुधारने और अपराध मुक्त भोपाल का सपना साकार करने में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर ये अपराधी उनके प्रयासों पर पानी फेर रहे हैं। थानों में जाकर जनता के बीच भरोसा कायम करने की कमिश्नर की मुहिम तभी सफल होगी, जब ऐसे बेखौफ बदमाशों पर सख्त लगाम कसी जाएगी।
वही मामले में सवाल यह है कि अगर शहर के बीचों-बीच इसी तरह गैंगवार पनपती रही और बदमाश पुलिस की नाक के नीचे गोलियां चलाते रहे, तो भयमुक्त भोपाल का दावा महज कागजी बनकर रह जाएगा। वरिष्ठ अधिकारियों को इस ओर तुरंत कड़े कदम उठाने की जरूरत है।




